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सेक्टर-9 में डिवाइडर निर्माण में धांधली

Tue, 15 Dec 2015 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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सेक्टर-9 में रोड पर बनाए जा रहे डिवाइडर व सड़क किनारों की सपोर्ट के निर्माण में खानापूर्ति हो रही है। न तो नियमानुसार मिट्टी पर रोड़ी डाल कर उसकी कुटाई हो रही है और न ही सीमेंट मसाला व क्रेशर सरकार के नियमानुसार प्रयोग में लाया जा रहा है।
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निर्माण में लगे राज मिस्त्री की मानें तो 12 तसले रेती में सीमेंट मात्र एक तसला डाला जा रहा है। बात सरकारी नियमों की करें तो इसकी मात्रा 6 तसले रेत पर 1 तसला सीमेंट की होती है। निर्माण कार्य की देखरेख का जिम्मा संभाल रहे निर्माण कंपनी के मैनेजर सोमबीर का कहना है कि जो सामग्री उनको उपलब्ध कराई गई है, उसी में काम पूरा करना है। हुडा के जेई अवलोकन कर चुके हैं।

सेक्टर-6 व 9 में इन दिनों सभी प्रमुख सड़कों पर डिवाइडर व किनारों का निर्माण चल रहा है। सप्ताह भर पहले काम सेक्टर-6 में था, लेकिन अब ठेकेदार वहां काम को अधूरा छोड़कर सेक्टर 9 में काम कराने में लगा है।
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डिवाइडर आदि के निर्माण कार्य में जो सामग्री प्रयोग में लाई जा रही है, उस पर व निर्माण कार्य के तरीके पर सवाल खड़े हो गए हैं। हुडा विभाग के अधिकारी सब जानते हुए भी न तो ठेकेदार को टोक रहे हैं और न ही राज मिस्त्री से निर्माण कार्य में हो रही गड़बड़ी के बारे में जानकारी ली जा रही है।

ये है जरूरी
निर्माण कार्य से जुड़े व्यक्तियों की मानें तो डिवाइडर या फिर सड़क के किनारों पर पत्थर लगाने से पहले जरूरी है कि मिट्टी को अच्छी तरह से दबाया जाया।

इसके बाद रोड़ी इत्यादि डालकर उसे दुरमच से कुटा जाए। इसके बाद 6-1 का मसाला यूज हो। साथ ही चीका ब्लैक कलर के क्रेशर का प्रयोग हो। जो मसाला लगाया जा रहा है वह हाथ की उंगली लगते ही झड़ जाता है। ऐसा ही रहा तो कुछ दिनों बाद ही डिवाइडर की ईंटें रोड पर बिखरी पड़ी मिलेंगी।

ये हो रहा है
सेक्टर-9 में डिवाइडर निर्माण में हो रही गड़बड़ी की जानकारी कुछ लोगों ने दी तो सोमवार को मौके पर जानकारी जुटाई गई। वहां काम पर लगे राज मिस्त्री प्यारे लाल ने बताया कि वे तो 12-1 का मसाला यूज कर रहे हैं।

मसलन 12 तसले रेत और उसमें 1 तसला सीमेंट मिलाई जा रही है। क्रेशर की जगह वे भूरे रंग के बजरपुर का प्रयोग कर रहे हैं। मिट्टी के ऊपर रोड़ी डालने की बजाय सीधे पत्थर खड़े किए जा रहे हैं। जैसा ठेकेदार के कारिंदे बताते हैं, वैसा ही वे कर रहे हैं।

मौके पर काम का निरीक्षण कर रहे ठेकेदार के मूंसी अनूप ने कहा कि हुडा के जेई के निरीक्षण व हिदायतों के बाद ही निर्माण किया जा रहा है। विभागीय नियम इसमें फॉलो किए जा रहे हैं।

मैनेजर सोमबीर ने कहा कि ठेकेदार की ओर से जो सामान दिया गया है, उस से काम कराना है। इसके अलावा और कोई सामग्री नहीं मिलने वाली। काम में किसी प्रकर की लापरवाही या धांधली नहीं है।
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