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एक साल के कार्यकाल में बहादुरगढ़ में विकास ठप, भ्रष्टाचार चरम पर : राजेंद्र सिंह जून

Thu, 23 Oct 2025 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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-फोटो 56 : राजेंद्र जून, पूर्व विधायक
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बहादुरगढ़। कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून ने प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक राजेश जून के एक साल के कार्यकाल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस एक साल में बहादुरगढ़ आज तक की सबसे बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। इसका सीधा कारण यहां के विधायक की नाकामी, अहंकार और भ्रष्टाचार है।
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उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान एक महीने में बहादुरगढ़ की कायाकल्प करने का दावा करने वाले राजेश जून ने एक साल में यहां की अभूतपूर्व दुर्गति कर दी है। बहादुरगढ़ में विधायकी का फीता दो-दो नेताओं के हाथ में है। दोनों में श्रेय और पावर की होड़ मची है, जबकि जनता के मुद्दों पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को खुली छूट दी गई है। वर्तमान विधायक जनसेवा नहीं, स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं। चुनाव से पहले राजेश जून पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गुणगान करते थे। विधायक बनने पर अपनी महत्वकांक्षा पूरी करने के लिए रातों-रात भाजपा के पाले में जा बैठे।
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उन्होंने दावा किया कि ये आगामी चुनाव से पहले फिर कांग्रेस में वापसी का प्रयास करेंगे, क्योंकि इनकी कोई विचारधारा नहीं है। जून ने कहा कि विधानसभा में विधायक ने कई मुद्दे उठाने का दावा किया था, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बालौर गांव में करीब 50 एकड़ में अवैध कॉलोनी काटने का मामला उठाया था, मगर आज उस पर पूरी तरह चुप हैं।
सीवर व्यवस्था और सड़कों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए कहा कि बरसात में बहादुरगढ़ डूबने की स्थिति में पहुंच गया था। आज हर कॉलोनी की सड़कें टूटी पड़ी हैं, सीवर ओवरफ्लो हो रहा है और अधिकारी-नेता की मिलीभगत से जनता परेशान है। जून ने आरोप लगाया कि विधायक ने चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नाम पर वोट लिए, लेकिन सत्ता मिलने के बाद भाजपा के पाले में चले गए।
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