डेंगू मच्छर के डंक ने बहादुरगढ़ में दस्तक दे दी है। लाईनपार के दो लोगों में एनएस-वन एंटीजन पॉजीटिव मिले हैं। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग को इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। डॉक्टर से लेकर एंटी लार्वा टीमों ने कॉलोनी में पहुंचकर बुखार पीड़ितों की स्लाइडें बनानी शुरू कर दी।
दिल्ली में इस बार डेंगू का अटैक पहले से ज्यादा सक्रिय है और बहादुरगढ़ इससे बिल्कुल सटा हुआ है। ऐसे में यहां डेंगू के मरीजों के बढ़ने के आसार ज्यादा हैं। लाइनपार के विकास नगर व शंकर गार्डन कॉलोनी में इस सीजन के सबसे पहले दो केस डेंगू पॉजीटिव मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। डॉक्टरों व एंटी लार्वा की टीमें दोनों कॉलोनियों में पहुंची और यहां कुछ लोगों की जांच के लिए स्लाइडें भी बनाई। साथ में बुखार पीड़ितों को लेकर सर्वे भी किया, जो भी व्यक्ति एनएस-वन एंटीजन पॉजिटिव मिले हैं उनके स्वास्थ्य में अब पहले से काफी सुधार है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भी उनके घर व मोहल्ले में जाकर उनकी हिस्ट्री जुटाई। विभाग के अधिकारियों की मानें तो जो दोनों डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं वे बहादुरगढ़ में चपेट में नहीं आए बल्कि दिल्ली व बाहर की उनकी हिस्ट्री सामने आई है। लेकिन वे यहां के रहने वाले जरूर है। ऐसे में उनके परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य भी जांचा गया है। बता दें कि दिल्ली में डेंगू से अब तक पांच मौतें होने की बात सामने आई है। ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी से बिल्कुल सटे औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ में डेंगू बढ़ने का अंदेशा लोगों को अभी से सताने लगा है। बरसात के दौरान डेंगू का लार्वा भी जगह-जगह पनप रहा है। लेकिन जागरूकता के अभाव में अभी भी अनेक लोगों की छतों पर टायर, ट्यूब, गमलों, खुली टंकियों में एडिज मच्छर का लार्वा मिल रहा है। लेकिन उसके बाद भी लोग मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए ध्यान नहीं दे रहे।
झज्जर के डीएमओ डॉ. कुलदीप ने माना कि लाइनपार क्षेत्र में जो डेंगू पॉजिटिव के दो केस सामने आए हैं उनकी केस हिस्ट्री यहां की नहीं है। वे कहीं बाहर गए हुए थे। ऐसे में संभावना है कि वहीं पर वे डेंगू बुखार से पीड़ित हुए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों बुखार पीड़ितों की सेहत अब ठीक है। परिवार के दूसरे सदस्यों में बुखार व डेंगू से संबंधित लक्षण नहीं है। लेकिन आसपास के क्षेत्र में जो भी बुखार से पीड़ित है उनकी स्लाइडें विभाग की टीमें जरूर बना रही है।
दिए जा रहे नोटिस
डीएमओ ने बताया कि डेंगू की रोकथाम व उससे बचाव को लेकर बहादुरगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की लगभग दर्जन भर टीमें लगी हुई है। जिन मकानों, प्रतिष्ठानों व अन्य स्थानों पर पानी में लार्वा मिलता है उसे खाली करवाया जा रहा है। जो मना कर देता है उसे नोटिस भी थमाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही न मानने वाले लोगों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। डीएमओ ने बताया कि झज्जर में 10 लोगों को नोटिस थमाये हैं तो बहादुरगढ़ में 8 से ज्यादा को। यहां पर विभाग की 6 टीमें लगातार लोगों को अवेयर करने व डेंगू लार्वा की पहचान करने में लगी हुई है। एक टीम में 3 से 4 कर्मचारी शामिल हैं। इनमें आशा वर्कर, एमपीएचडब्ल्यू व डॉक्टर भी शामिल हैं।
म्यूनिसिपल कमेटी करेंगी फॉगिंग
डेंगू की रोकथाम के लिए शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग की जिम्मेदारी म्यूनिसिपल कमेटी को दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने फोगिंग में इस्तेमाल होने वाला मैटेरियल उन्हें उपलब्ध करवा दिया है। फॉगिंग करने वाले कर्मचारी को भी ट्रेंड किया है कि किस तरह से और किन क्षेत्रों में कैसे फॉगिंग करनी है। बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र में डेंगू के दो एनएस-वन पाजिटिव केस सामने आने के बाद भी इस क्षेत्र में फॉगिंग कार्य शुरू नहीं हो पाया है।