फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेशनलाइजेशन के खिलाफ सात स्कूलों को ठोके ताले

विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर/बादली। राजकीय स्कूलों से राज्य सरकार की रेशनलाइजेशन नीति के तहत अध्यापकों के पद समाप्त करने के विरोध में अभिभावकों में जबर्दस्त आक्रोश है। इसके विरोध में सोमवार को जिले के 10 स्कूलों में अभिभावकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों को अंदर बंद कर तालाबंदी कर दी। दो घंटे शिक्षक अंदर बंद रहे। अभिभावकों का कहना है कि सरकार की ये नीति ग्रामीण क्षेेत्र की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर देगी। जब शिक्षक ही नहीं होंगे तो बच्चे पढे़ंगे क्या। शिक्षकों के पद समाप्त करने की बजाय इस स्कूलों की दशा सुधारनी चाहिए।
विज्ञापन

बादली क्षेत्र के गुभाना, माजरी, लुकसर, इस्माइलपुर, लाडपुर, लगरपुर और खेड़ी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विरोध प्रदर्शन हुआ।
गुभाना में ग्रामीणों का प्रदर्शन
राजकीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुभाना में 208 विद्यार्थी हैं लेकिन गणित और विज्ञान विषय का पद समाप्त करने के बाद अध्यापकों का तबादला कर दिया गया है। इसी के विरोध में करीब 9 बजे ग्रामीण स्कूल पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया। इनमें सतबीर प्रधान कुलबीर, अमित कुमार, अंकुर गुभाना, हंसराज, हंसराज, संदीप, निटू, राजेश हाई और पवन मास्टर शामिल थे। उनका कहना था कि नई नीति के तहत गणित और विज्ञान पीजीटी को यहां से हटा दिया गया है।
माजरी में शिक्षकों को बंधक बनाया
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माजरी में ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। पुरुष और महिला अभिभावकों ने स्कूल के मेन गेट पर ताला ठोंक दिया। जिससे अध्यापक स्कूल में बंद हो गए। अभिभावकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी। ग्रामीणों अमित प्रधान, रणबीर प्रधान, सीमा, प्रदीप और सोनू शमिल रहे। इस विद्यालय में 255 विद्यार्थी हैं।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से मिलने का फैसला लिया है।
लाडपुर में भी रोके अध्यापक
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाडपुर के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों ने तालाबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में अध्यापक नहीं होंगे वहां बच्चों को भेजने का क्या फायदा है। गांव के लोग एकजुट होकर स्कूल पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्कूल में सभी विषयों के पदों व अध्यापकों को बहाल रखने की मांग की। अपनी मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलने का फैसला लिया गया। राजबीर, संत, कुमार, भानेराम, महताब, राकेश प्रेमलता और तारा देवी ने बताया कि स्कूल में अध्यापकों की कमी है। स्कूल के चार अध्यापकों बदल दिया गया है।
इस्माइलपुर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी
इस्माइलपुर के ग्रामीणों ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि स्कूल से हैडमास्टर, अंग्रेजी पीजीटी, संस्कृत पीजीटी और हिंदी पीजीटी को हटा दिया गया है। सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत यहां से हैडमास्टर, मिडिल हैड, अंग्रेजी और हिंदी पीजीटी के पद ही समाप्त कर दिए हैं। ड्राइंग और संस्कृत के पद पहले से ही खाली पड़े हैं।
लुकसर में छात्रों को बाहर रोक ताला जड़ा
गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सुबह ही ग्रामीण एकत्रित हो गए और तालाबंदी कर दी। विद्यार्थियों को स्कूल के बाहर ही रोक लिया गया। अध्यापकों को भी स्कूल के अंदर ही बंद कर दिया गया। गांव के सचिन, सोनू, दिलेर, रामबीर प्रधान, मोनू, मनजीत, जगबीर और दीवान ने कहा कि सरकार को अपना निर्णय बदलना चाहिए।
लगरपुर, खेड़ी स्कूल बंद कराए
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लगरपुर और खेड़ी के बाहर भी लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। दोनों स्कूल बंद कर दिए। खेड़ी के राजकुमार और लगरपुर के राजबीर आदि ग्रामीणों ने कहा कि राज्य की सरकार सार्वजनिक स्कूली शिक्षा व्यवस्था को खत्म करना चाहती है। वे इतनी भारी भरकम फीस वसूलते हैं। व्यवस्था को बदलना चाहिए।
..........वर्जन
कुछ ग्रामीणों को सरकार की नीति के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है। अध्यापकों के स्थानांतरण और पदों को समाप्त करने के विरोध स्वरूप सभी पांचों गांव के लोगों से मिले ज्ञापन शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दिए जाएंगे।
विज्ञापन

--मदन चोपड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें