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Haryana: समगोत्र विवाह को अवैध घोषित करने की मांग, ड्राफ्ट राज्य और केंद्र सरकार को भेजा

Mon, 03 Jul 2023 11:38 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)

सार

28 जून को पंचकुला में हुई वार्ता में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने किसान नेता रमेश दलाल से ड्राफ्ट मांगा था। वहीं दूसरी ओर मांडोठी टोल प्लाजा पर किसानों का धरना 179वें दिन भी जारी रहा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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हरियाणा के बहादुरगढ़ से किसान नेता रमेश दलाल ने सम गोत्र विवाह को अवैध घोषित करने की मांग वाला एक ड्राफ्ट राज्य सरकार और केंद्र सरकार को भेज दिया। 28 जून को इस संदर्भ में पंचकुला में मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश खुल्लर से किसानों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता हुई थी। बैठक में खुल्लर ने दलाल को इस संदर्भ में एक ड्राफ्ट सरकार को प्रस्तुत करने के लिए कहा था।

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अपने ड्राफ्ट में रमेश दलाल ने कहा है कि हिंदू मैरिज एक्ट 1955 एक केंद्रीय एक्ट है जिसमें हरियाणा विधानसभा को समवर्ती सूची में प्रदत्त अधिकार के अनुसार संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है। दलाल ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि केंद्रीय एक्ट में संशोधन केंद्रीय सरकार को विश्वास में लेकर ही हो सकता है, यदि हरियाणा विधानसभा सम गोत्र विवाह को एक विधेयक के जरिए गैर कानूनी घोषित करती है, तो इसको केंद्र सरकार के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 254 (2) के अंतर्गत राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाना अनिवार्य है।

इस ड्राफ्ट आवेदन की प्रति रमेश दलाल ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी भेजी है। गौरतलब है कि भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले रमेश दलाल के नेतृत्व में लगभग छह महीने से केएमपी के मांडोठी टोल प्लाजा के पास अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। किसानों की मांगों में जमीन अधिग्रहण से संबंधित मांगों के अतिरिक्त एक ही गोत्र में विवाह को गैर कानूनी घोषित करने की मांग भी है।
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यूनिफॉर्म सिविल कोड में भी अवैध घोषित किया जाए : रमेश दलाल
रमेश दलाल ने एक बयान जारी करके मांग की है कि यदि यूनिफॉर्म सिविल कोड के कानून में शादी से संबंधित योग्यता और अयोग्यता के विषय को भी शामिल किया जाता है तो यूनिफॉर्म सिविल कोड में भी समगोत्र विवाह को अवैध करार दिया जाए। समगोत्र विवाह को गैर कानूनी घोषित करना समाज और जनहित में अति आवश्यक है।

यदि सरकार ने सम गोत्र विवाह को गैर कानूनी घोषित करने के बजाय यूनिफॉर्म सिविल कोड में सम गोत्र विवाह को मान्यता देने का प्रयास किया तो इसका विरोध किया जाएगा। दलाल ने स्पष्ट किया कि समगोत्र विवाह को अवैध घोषित किया जाता हैं तो उनका संगठन यूनिफॉर्म सिविल कोड के समर्थन में है। इसके बाकी सभी विषयों पर हमारा कोई एतराज नहीं है।

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