फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बहादुरगढ़ के ट्रक मालिकों पर पुलिस का कहर

Fri, 24 Jun 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
विज्ञापन
truck opretor - फोटो : Bureau
विज्ञापन
दिल्ली-हरियाणा के झाड़ोदा बॉर्डर के टोल बैरियर पर पर्यावरण रक्षा शुल्क (ग्रीन टैक्स) की वसूली को लेकर बहादुरगढ़ और दिल्ली पुलिस कर्मचारियों में विवाद हो गया। पुलिस ने कुछ ट्रक ऑपरेटरों को हिरासत में ले लिया और धुनाई कर दी। जिससे ट्रक ऑपरेटर अपनी यूनियन के बैनर तले भड़क उठे हैं।
विज्ञापन

 ट्रक ऑपरेटरों ने बाबा हरिदास नगर थाना पुलिस पर छह ट्रक ऑपरेटरों की निर्ममता से पिटाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बाद में पुलिस ने जबरन समझौता दिखाकर मामले को रफादफा करने की कोशिश की। अब पिटाई का शिकार हुए यूनियन सदस्यों ने पीजीआई रोहतक में मेडिकल परीक्षण कराया है। साथ ही दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। ट्रक मालिकों का कहना है कि आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे कोर्ट में इस्तगासा दायर करेंगे।
एकजुट हुए ट्रक ऑपरेटर
ट्रक मालिकों की पिटाई का मामला 21 जून का है। वीरवार को इस मसले पर बादली रोड स्थित शिव टर्बो ट्रक यूनियन परिसर में ट्रांसपोर्टर इकट्ठे हुए और दिल्ली पुलिस की करतूत के खिलाफ रोष जाहिर किया। पुलिस के खिलाफ खूब नारेबाजी की गई। बाद में यहां से यूनियन प्रधान भूप सिंह व उनके साथी ट्रक मालिक दिल्ली के संबंधित जिले के डीसीपी को शिकायत करने के लिए निकल गए। प्रधान जून ने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं होती है तो वे थाना प्रभारी और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे।
विज्ञापन

इस तरह हुआ विवाद
शिव टर्बो ट्रक यूनियन बहादुरगढ़ के सदस्यों ने बताया कि यहां की एक गाड़ी 21 जून को मध्य प्रदेश से मसूर की दाल लेकर आई और दिल्ली जा रही थी। झाड़ोदा बॉर्डर पर पहुंचने के बाद चालक ने टोल बैरियर के कर्मियों को बिल्टी दिखा दी। चालक ने खाद्यान्न की ढुलाई में ग्रीन टैक्स की छूट दिए जाने का हवाला दिया। ट्रक मालिकों का कहना है कि टोल कर्मियों ने दाल को खाद्यान की श्रेणी में नहीं माना और ग्रीन टैक्स वसूलने पर अड़ गए। इस पर दोनों पक्षों में तकरार हो गई। इसकी सूचना पाकर यूनियन के कुछ और सदस्य वहां पहुंच गए। बाद में सूचना मिलने पर बाबा हरिदास नगर थाना की पुलिस टीम आ गई। आरोप है कि पुलिस ने स्थानीय यूनियन के सदस्य नरेश, प्रकाश, मंजीत निवासी डाबोदा खुर्द, विजय व गगन पुत्र जयप्रकाश निवासी नई बस्ती बहादुरगढ़ और ओमबीर निवासी श्याम कालोनी बहादुरगढ़ को हिरासत में लिया और थाने ले गई। इन सबकी बिना किसी अकारण बेदर्दी से पिटाई गई। इनमें से प्रकाश, गगन व ओमबीर का तो पिटाई से कमर के नीचे का हिस्सा नीला पड़ गया है। हालत ऐसी है कि वे बैठ तक नहीं सकते। उनको इस हाल में देखकर ट्रांसपोर्टरों में गुस्सा भर गया।
वीरवार को बहादुरगढ़ के ट्रांसपोर्टर अपने प्रधान भूप सिंह की अगुवाई में दिल्ली पहुंचे संबंधित डीसीपी से मिले। उन्होंने बाबा हरीदास नगर थाना पुलिस की करतूत की शिकायत की और संबंधित थाना प्रभारी राजकुमार, जांच अधिकारी सुरेंद्र व एक अन्य कर्मचारी रवि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यूनियन के प्रधान ने साफ कहा कि यदि पुलिस के अधिकारियों की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पीछे नही हटेंगे। पुलिस की पिटाई का शिकार हुए सभी लोगों का पीजीआई में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, ताकि कानूनी कार्रवाई सही ढंग से हो सके।
ग्रीन टैक्स वसूली में हेराफेरी का आरोप
ट्रक यूनियन प्रधान भूप सिंह ने कहा कि दिल्ली सीमा पर ग्रीन टैक्स की वसूली को लेकर गड़बड़ी हो रही हैै। सभी तरह के खाद्यान को छूट है। मगर टोल बैरियर के कर्मचारी मनमानी करते हैं। एक सादे कागज पर छूट की कुछ श्रेणी लिखकर सिर्फ उन्हें रियायत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ट्रक चालक या ऑपरेटर के मांगने पर कानूनी आदेशों की प्रति दिखानी चाहिए और टोल बैरियर पर चस्पा भी करनी चाहिए।
दिल्ली की पुलिस ने आरोप बताए निराधार
हमारे थाने में ट्रक किसी भी ट्रक ऑपरेटर के साथ मारपीट करने के किसी मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है। पुलिस पर मार-पिटाई का आरोप निराधार है। अगर हमारे उच्च अधिकारी इस आरोप को लेकर हमसे जवाब मांगेेंगे तो स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
विज्ञापन

--राजकुमार, एसएचओ, थाना बाबा हरिदास नगर, दिल्ली।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें