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पत्नी की हत्या के बाद खुद को लगाया फंदा

Tue, 12 Aug 2014 12:00 AM IST
jhjhar
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गांव जहाजगढ़ में एक व्यक्ति ने रविवार की रात पहले तो अपनी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी और इसके बाद मकान के भीतर स्थित एक कमरे में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला भी समाप्त कर ली। प्रारंभिक जांच के बाद वारदात की वजह आपसी कलह से जोड़कर देखी जा रही है। वारदात के समय दंपति के दोनों बच्चे भी घर में सोये थे, लेकिन उन्हें इसका जरा भी पता नहीं चला।

सुबह जब दोनों बच्चे जागे तो उनके रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। घर के भीतर का दृश्य देखकर सकते में आए पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। डीएसपी अजमेर सिंह, एसएचओ बेरी जसबीर सिंह सहित पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम ने भी मौके से आवश्यक सबूत जुटाए। पुलिस की ओर से मृतका के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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पुलिस ने बताया कि मारुति कंपनी गुड़गांव में बतौर चालक कार्य करने वाले सतबीर पुत्र रामेश्वर दास का अपनी पत्नी ममता से घरेलू विवाद चल रहा था। रविवार की रात 13 वर्षीय बेटा आशीष और 11 वर्षीय बेटी कनिका खाना खाने के बाद अपने कमरे में जाकर सो गए। बच्चों के सो जाने के बाद पति और पत्नी में विवाद शुरू हो गया।

विवाद इस कदर बढ़ा कि सतबीर ने अपनी पत्नी ममता को पीटना शुरू कर दिया। सतबीर तब तक उसे पीटता रहा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इसके बाद सतबीर ने भीतर के कमरे में जाकर स्वयं भी पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब दोनों बच्चे जागे तो देखा कि मां ममता निढाल पड़ी है और दूसरे कमरे में पिता सतबीर का शव पंखे से लटका है। यह दृश्य देखकर दोनों बच्चों की चीख निकल गई। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुुंचे और दोनों को संभाला। इसके बाद पुलिस को भी सूचित कर दिया गया। डीएसपी अजमेर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया।

दोनों के शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल में भिजवाया गया है। पुलिस ने मृतका के पिता भागीरथ पुत्र ईश्वर निवासी खिजूरीवास, राजस्थान की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बहरहाल, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा हो पाए।

15 साल पहले हुआ था विवाह
घटनाक्रम का शिकार बने दंपति का 15 वर्ष पूर्व विवाह हुआ था। उनके दो बच्चे हैं। आशीष सातवीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि कनिका छठी कक्षा की छात्रा है। मां और पिता के शव देखकर दोनों बच्चे सदमे में हैं। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने शायद ही यह सोचा होगा कि सोमवार की सुबह उनके लिए ऐसा दुखद संदेशा लेकर आएगी। पड़ोसी बच्चों को संभाल तो रहे हैं, लेकिन इस वारदात ने सभी को अंदर तक हिला दिया है।
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 मामले में जो एक पहलू सामने आया, वह यह है कि चार कमरों के मकान में बच्चे अलग कमरे में सोए थे। जिस दौरान यह घटनाक्रम घटित हुआ, उस दौरान शोर तो अवश्य ही हुआ होगा। पिटाई के दौरान ममता खुद को बचाने के लिए चिल्लाई भी होगी। ना जाने क्या परिस्थिति बनी कि बच्चे उस दौरान जागे ही नहीं। पड़ोसियों में जहां दोनों बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता है, वहीं इस बात पर भगवान का शुक्र भी मना रहे हैं कि कम से कम दोनों बच्चे तो सतबीर के वहशीपन का शिकार होने से बच गए।
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