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बिमारी मुक्त समाज के लिए खुले में शौचमुक्त गांव बनाने का आह्वान

Tue, 12 Jul 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
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DC Anita yadav - फोटो : Bureau
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डीसी अनीता ने सोमवार को डीआरडीए भवन में स्वयं सहायता समूह की स्वच्छता प्रेरक महिलाओं की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मातृशक्ति के संकल्प ने हमेशा समाज को बदलने का काम किया है। जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने का संकल्प जागरूक महिलाओं ने लिया है, हमें पूरी उम्मीद है कि मातृशक्ति के संकल्प से लक्ष्य को तय समय सीमा से पहले ही हासिल कर लेंगे। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत प्रथम चरण में 19 गांवों को शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इन 19 गांवों में दो जुलाई से स्वयं सहायता समूह की महिला प्रेरकों ने खुले में शौच मुक्त गांव बनाने का अभियान चलाया हुआ है। बैठक में स्वयं सहायता समूह की महिला प्रेरकों ने उपायुक्त को बताया कि गांवों में खुले में शौच मुक्त बनाने को लेकर लोगों की सोच बदली है। उपायुक्त ने कहा कि बीमारी मुक्त समाज के निर्माण के लिए खुले में शौच मुक्त गांव बनाना अनिवार्य है।
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बीमारी मुक्त गांव होने से इलाज पर खर्च होने वाले धन को हम अपने जीवन स्तर को सुधारने और बच्चों शिक्षा पर खर्च कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मातृशक्ति अपने जागरूकता अभियान के दौरान लोगों खासकर महिलाओं को यह समझाएं कि स्वच्छ माहौल से ही बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। स्वच्छता की शुरुआत घर से करते हुए मोहल्ले और पूरे गांव को साफ-सुथरा बनाना होगा। एक घर में सफाई होने से दूसरे घरों की मक्खियां बीमारी फैलाएंगी। यह तभी संभव है जब पूरा गांव खुले शौच मुक्त हो, साफ सुथरा हो। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की का स्वच्छ भारत का जो सपना है उसे जिले में तेजी से पूरा करने में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अपनी भागीदारी करें। उन्होंने कहा महिलाओं ने इस दिशा में जो अलख जगाने का काम शुरू किया है उसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इस अवसर पर दुजाना गांव की एक छात्रा ने स्वच्छता अभियान पर आम जन को जागरूक करने के लिए बनाया गया पोस्टर भी उपायुक्त को भेंट किया। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी योगेश पराशर सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।  
बेटियों को बचाने की मुहिम की भी कर्णधार बने: डीसी ने जिले भर की स्वयं सहायता समूह की प्रतिनिधि महिलाओं से आह्वान किया कि नारी शक्तिवाहिनी है। महिलाएं जब किसी काम को संकल्प के साथ ठान लेती हैं तो वो उद्देश्य अपेक्षा के अनुरूप पूरा होता है। उन्होंने कहा स्वच्छता अभियान के साथ-साथ महिलाएं जिले में बेटियों को बचाने की मुहिम में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। महिलाएं गांव के घर-घर में इस बात को समझाएं कि आज के दौर में बेटियां किसी भी तरह से बेटों से कम नहीं है जरूरत केवल सोच बदलने भर की है।
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