झज्जर। स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम कभी भी आ सकती है, लेकिन नगर परिषद की तैयारी अभी भी आधी-अधूरी है। शहर में प्रतिदिन 32 टन से ज्यादा कचरा निकलता है, लेकिन घर-घर से कूड़ा उठान के लिए वार्ड अनुसार भी गाड़ियां नहीं लगाई गई हैं। इसके चलते दोपहर तक गाड़ियां घर-घर कूड़ा उठान करती हैं।
शहर में कुल 19 वार्ड हैं। वार्ड के अनुसार एक-एक गाड़ी कूड़ा उठान के लिए होनी चाहिए, लेकिन ठेकेदार ने केवल 12 गाड़ियां लगाई हुई हैं, जो दोपहर तक कूड़ा उठान का काम करती हैं। इनके आने का समय भी निर्धारित नहीं है और न ही कोई मॉनिटरिंग की जाती है। मनमाने तरीके से अपने हिसाब से गाड़ियां वार्डों में घर-घर जाकर कूड़ा उठाने का काम कर रही हैं।
इसके अलावा शहर में सफाई कर्मचारियों की भी कमी है। नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों के कुल 179 स्वीकृत पद हैं, जिसमें से पक्के केवल 12 ही हैं, जबकि 112 रोल पे पर लगे हुए हैं। शहर के मुख्य मार्गों की सफाई का काम ठेके पर दिया हुआ है। ठेकेदार का दावा है कि 70 से अधिक सफाईकर्मी पूरे शहर में लगे हुए हैं, जबकि हकीक्त में दोपहर तक मुख्य मार्गों की सफाई का काम पूरा नहीं होता है। शहर को चार जोन में बांटकर सफाई करवाई जाती है, जिसके एक-एक दरोगा के अधीन कर्मचारी काम करते हैं। उसके बावजूद शहर में सफाई का बुरा हाल है।