बहादुरगढ़। शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर इंटरलॉकिंग का कार्य होने के चलते 26 दिसंबर से दिल्ली-रोहतक, जींद, भिवानी और हिसार की ओर जाने वाली अधिकतर पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। यह ट्रेनें लगभग एक महीने तक रद्द रहेंगी। हालांकि हफ्ते के बीच-बीच में एक-दो दिन चलेंगी। कई ट्रेनों का रूट भी परिवर्तित किया गया। ऐसे में रोहतक की ओर से प्रतिदिन दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई है। इसके कारण मेट्रो में भीड़ बढ़ने लगी है। शहरवासियों ने डीएमआरसी अधिकारियों से मेट्रो के कोच बढ़ाने के साथ-साथ फेरे बढ़ाने की मांग की है।
बहादुरगढ़ से दिल्ली और रोहतक की तरफ प्रतिदिन हजारों यात्री ट्रेनों में सफर करते हैं, लेकिन अब ट्रेनें रद्द होने के कारण उन्हें परेशानियां होने लगी है। एक तरफ जहां विद्यार्थियों को रोहतक के कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाना पड़ता है तो दूसरी तरफ नौकरीपेशा व अपने काम पर जाने के लिए दिल्ली की तरफ यात्रा करते हैं। बहादुरगढ़ से मेट्रो में दिल्ली की तरफ सफर करना बेहद आसान है, लेकिन किराया अधिक होने के कारण लोगों को काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। नई बस्ती निवासी कृष्ण कुमार, सुनील शर्मा, रमेश कुमार, योगेश गुप्ता, दिनेश शर्मा ने बताया कि वे 200 रुपये के पास में भारतीय रेल में दिल्ली का एक महीने का सफर करते हैं, लेकिन अब ट्रेन रद्द होने के बाद मेट्रो से जाना पड़ रहा है। ऐसे में उनकी जेब ढीली हो रही है, क्योंकि मेट्रो में एक दिन की यात्रा के आवागमन में 100 से 120 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में करीब एक महीना ट्रेनों के रद्द रहने से उन्हें तीन से चार हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे। यात्रियों ने रेलवे विभाग से जल्द से जल्द सभी ट्रेनों का संचालन करने की मांग की है।
पहले 50 तो अब 60 हजार यात्री कर रहे मेट्रो में सफर
ट्रेनों का संचालन न होने से अब मेट्रो में भीड़ बढ़ गई है। पहले जहां मेट्रो में दिनभर में 50 हजार यात्री सफर करते थे। वहीं अब इनकी संख्या बढ़क 60 हजार हो गई है। यात्रियों ने डीएमआरसी के अधिकारियों से मांग की है कि इस रूट पर मेट्रो के कोच बढ़ाने के साथ-साथ उसके फेरे भी बढ़ाए जाएं। अभी मेट्रो 5 से 8 मिनट के अंतराल में चल रही है। ट्रेनें 26 दिसंबर से 16 जनवरी तक रद्द की गई हैं।