पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में बुधवार को कलानौर के तहसीलदार प्रमोद चहल को रोहतक से गिरफ्तार कर लिया।
उनके खिलाफ झज्जर में 17 अक्तूबर को दफा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी और 7-49-88 पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।
तहसीलदार व 9 अन्य पर आरोप हैं कि उन्होंने मंदिर के लिए दान दी गई करीब 2 करोड़ रुपये कीमत की जमीन का इंतकाल फर्जी तरीके से किसी अन्य के नाम कर दिया। एसपी सुमित कुमार ने तहसीलदार की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
झज्जर के महाजन हरदेव सहाय ने करीब 150 वर्ष पहले 42 कनाल 7 मरला जमीन को शिवालय के लिए दान दी थी। हालांकि जमीन का मालिकाना हक परिवार के नाम ही चला आ रहा था।
जमीन के ठेके आदि से होने वाली कमाई मंदिर को समर्पित थी। मंदिर में रहने वाले पुजारी ही जमीन के संरक्षक बने थे। बाद में हरदेव सहाय का परिवार शहर छोड़कर चला गया।
वर्तमान में उसी परिवार से जुड़े एक सदस्य जो कि हेलीमंडी में रहते हैं। बाद में शहर के एक व्यक्ति सुरेंद्र हरित उर्फ मुन्ना पंडित ने तहसीलदार व अन्य से मिलकर शिवालय के लिए छोड़ी गई करीब साढ़े पांच एकड़ जमीन का इंतकाल फर्जी तौर से अपने नाम करवा लिया।
मामले की भनक बाद में हेलीमंडी, गुड़गांव में रहने वाले महाजन परिवार के सदस्य मदन लाल को लगी तो उसने पुलिस को शिकायत दी। मामले की जांच एसपी ने डीएसपी धरीज कुमार को सौंपी। जमीन का फर्जीवाड़ा सामने आया तो पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
नंबरदार से लेकर तहसीलदार तक ने किया खेल
करोड़ों की जमीन के फर्जी इंतकाल के जिस मामले में तहसीलदार प्रमोद चहल को गिरफ्तार किया गया है, उसमें 9 अन्य आरोपी भी हैं।
पुलिस ने गत 17 अक्तूबर को थाना झज्जर में इनके खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। आरोपियों में तेजपाल पटवारी, रोहतास, गिरदावर एलईओ, कानूनगो, तहसीलदार चहल साहब, नंबरदार, सुरेंद्र उर्फ मुन्ना, सुरेंद्र की पत्नी उर्मिला (पार्षद), बेटा, महेंद्रदत्त व अन्य शामिल रहे।
मामले में खास बात यह रही कि इस धोखाधड़ी में राजस्व विभाग के सबसे नीचे के नंबरदार, पटवारी से लेकर तहसीलदार तक सभी फंसे हुए हैं। मास्टरमाइंड सुरेंद्र उर्फ मुन्ना करोड़ों की जमीन का धोखे से मुआवजा हड़पने के एक अन्य मामले में गिरफ्तारी के बाद जेल में हैं।
बड़े योजनाबद्ध तरीके से हुआ खेल
करोड़ों की कीमत की 42 कनाल 7 मरला जमीन को हड़पने का खेल बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से खेला गया। इसके तहसील में दर्ज रिकॉर्ड को खुर्दबुर्द कर दिया गया।
इसके लिए फर्जी रिकॉर्ड तैयार किया गया। इसके बाद सुरेंद्र के नाम फर्जी इंतकाल कर शिवालय की जमीन उसे दे दी गई। आरोप है कि इसमें नंबरदार से लेकर तहसीलदार तक ने खूब चांदी कूटी।
धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस ने तहसीलदार प्रमोद चहल को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी सुरेंद्र उर्फ हरित पहले से ही धोखाधड़ी के एक मामले में जेल मे है। पुलिस अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की कार्रवाई में लगी है। तहसीलदार फिलहाल कलानौर में तैनात हैं और पुलिस ने उसे रोहतक से गिरफ्तार किया।
-सुमित कुमार, एसपी