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गाड़ी छीनने व हत्या के मामले में वांछित पैरोल जंपर अपराधी अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार

Mon, 08 Aug 2016 12:51 AM IST
Jhajjar
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Absconding Ahmedabad serial blasts (2008) accused Nasir Rangrej arrested - फोटो : demo
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पुलिस द्वारा हथियारों के बल पर अलग अलग स्थानों से गाड़ी छीनने तथा लूट व हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस के अति वांछित पेरोल जंपर अपराधी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए अपराध जांच शाखा के प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार ने बताया कि सीआईए की एक पुलिस टीम मुख्य सिपाही बलजीत सिंह के नेतृत्व में बाईपास रोड़ पर गश्त पर तैनात थी।
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पुलिस टीम जब झज्जर बाईपास स्थित बहादुरगढ़ रोड पुल के नीचे गश्त पर तैनात थी तो शहर की तरफ से एक व्यक्ति पैदल आता दिखाई दिया। जो सामने पुलिस टीम को देख कर नजर बचाते हुए वापिस मुड़कर संदेहजनक हालत में तेज कदमों से चलने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता से पीछा करते हुए उस व्यक्ति को काबू किया। संदेह होने पर जब व्यक्ति की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से एक देसी पिस्तौल बरामद हुई। पूछताछ में पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रदीप पुत्र अत्तर सिंह निवासी गांव डाबौदा के रूप में हुई है।

 उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी प्रदीप ने प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा करते हुए बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हथियारों के बल पर गाड़ी छीनने की अलग-अलग दो वारदातों को अंजाम दिया था। उसने खुलासा किया कि फरवरी 2016 में उसने अपने सहयोगी सुनील उर्फ रिंकू पुत्र राजवीर निवासी बिरधाना के साथ मिलकर गुड़गाव से एक इनोवा गाड़ी किराए पर ली थी । रात के समय हथियारों के बल पर बादली के पास गांव माजरी के इलाका में अप्रोच रोड पर चालक को जबरदस्ती गाड़ी से नीचे उतार दिया और गाड़ी छीनकर फरार हो गए थे।
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इसके अतिरिक्त जून 2016 में उसने अपने साथी राजपाल निवासी गांव इसापुर दिल्ली  के साथ मिलकर गुड़गांव से ही एक इनोवा गाड़ी किराए पर ली थी । रात के समय झज्जर से आगे गांव जहाजगढ़ से अच्छेज रोड थाना बेरी के इलाका में हथियारों के बल पर चालक को गाड़ी से नीचे उतार दिया और गाड़ी छीन कर फरार हो गए थे। इसके अलावा उसने यह भी उगला कि वह हत्या व लूट के मामले में भी लगभग एक साल पहले पैरोल पर जेल से बाहर आया था। जिसके बाद वह जेल में वापिस ना जाकर फरार चल रहा था। यह दिल्ली के थाना मयूर विहार इलाका में 2008 में हुई गाड़ी चालक की हत्या व लूट की वारदात में शामिल था।

लूट व हत्या के उपरोक्त मामले में अदालत द्वारा दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। उपरोक्त मामले में वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंदी था। करीब एक वर्ष पूर्व वह पैरोल की छुट्टी पर जेल से बाहर आया था। पैरोल की अवधि समाप्त होने पर वापिस जेल में ना जाकर वह फरार हो गया था। सीआईए प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए वांछित आरोपी प्रदीप के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए मामला दर्ज किया गया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया। जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया।
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