मुख्यमंत्री के आगमन से एक दिन पहले ही नया गांव बाईपास के निकट तीन बदमाशों ने एक एनएसजी कमांडो को गोली मारकर उनकी गाड़ी छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद वे आरोपी रोहतक की तरफ भाग निकले। घायल कमांडो को उसका भाई राहगीरों की मदद से ट्रॉमा सेंटर लाया, जहां से उसे रोहतक पीजीआई में ले जाया गया। थाना सदर पुलिस ने घायल के भाई के बयान पर केस दर्ज किया है।
रोहतक के गांव करौथा निवासी एवं दिल्ली के आरके पुरम में तैनात एनएसजी कमांडो राजेश कुमार अपने भाई राजकुमार के साथ टेंप्रेरी नंबर की विटारा ब्रिजा गाड़ी में सवार होकर दिल्ली से अपने गांव लौट रहा था। जब वे रात दस बजे नया गांव बाईपास के निकट पहुंचे तो राजेश के भाई राजकुमार ने लघुशंका के लिए गाड़ी रोकी। राजकुमार गाड़ी से उतरकर कुछ दूर ही चला था, जबकि राजेश उसी में बैठा रहा। तभी तीन युवक गाड़ी के पास पहुंचे। उनमें से एक युवक ड्राइवर तो दूसरा साइड वाली सीट पर बैठ गया। वे गाड़ी को लेकर चलने लगे तो कमांडो राजेश ने उनका विरोध किया। इसी बीच एक ने गोली दाग दी। जो कि राजेश के पैर में जा लगी। इससे वह लहूलुहान हो गया। मौकेे का फायदा उठाते हुए तीनों बदमाश उनकी गाड़ी को रोहतक की तरफ भगा ले गए।
थाना सदर प्रबंधक रणधीर सिंह व जांच अधिकारी उप निरीक्षक धर्म सिंह ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं। वारदात के 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने गाड़ी को रोहतक के गांव बहू के पास लावारिस हालत में बरामद कर लिया गया है। वारदात के बाद से ही थाना सदर व एसओजी बहादुरगढ़ की संयुक्त पुलिस टीम अपराधियों का पीछा कर रही थी। थाना सदर प्रबंधक रणधीर सिंह ने बताया कि एसपी जशनदीप सिंह के दिशा-निर्देशानुसार व डीएसपी धीरज कुमार की देखरेख में पुलिस ने छीनी गई कार को बरामद किया है। उन्होंने बताया कि इस वारदात में जो तीनों आरोपी शामिल रहे हैं उनकी पहचान कर ली गई है। उनको पकड़ने के लिए पुलिस टीमों ने जाल बिछाया हुआ है। संभावना है कि जल्द ही आरोपी पुलिस पकड़ में होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
एक तरफ 24 जुलाई को प्रदेश के मुखिया मनोहर लाल बहादुरगढ़ में होने वाली रैली को संबोधित करने के लिए आ रहे हैं तो दूसरी तरफ पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद की जा रही है। इसके बावजूद शहर के प्रमुख बाईपास पर गन प्वाइंट पर गाड़ी लूटने व विरोध करने पर एनएसजी कमांडो को गोली मारकर घायल करने की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व रात्रि गश्त को लेकर सवाल भी खड़ा किया है।
हो चुकी कई वारदात
बाईपास पर गन प्वाइंट पर गाड़ी लूटने की यह पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी बदमाश यहां कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं, लेकिन गाड़ी लूटने के दौरान गोली मारकर जख्मी करने का यह पहला मामला प्रकाश में आया है। दिल्ली के एक व्यापारी से भी बहादुरगढ़ बाईपास पर ही गन प्वाइंट पर गाड़ी छीनी गई थी। ऐसे में बढ़ती घटनाओं के बावजूद भी नया गांव बाईपास के आसपास पुलिस का पहरा कड़ा नहीं है। रातभर यहां असामाजिक तत्व शराब के नशे में घूमते रहते हैं। मौका मिलते ही वे लूटपाट करने से भी पीछे नहीं हटते।