जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन की आड़ में जिले में उपद्रवियों द्वारा मचाए गए उत्पात के बाद जिले के खराब हुए हालात सोमवार को सामान्य होने लगे हैं। जिंदगी पटरी पर लौटने से लोगों ने राहत भरी सांस ली है।
बता दें कि पिछले 24 घंटे के दौरान न तो शहर में और न ही ग्रामीण क्षेत्र में किसी प्रकार की हिंसक वारदात या किसी तरह की झड़प की कोई सूचना मिली। शहर की सड़कों पर लगे जामों को खोलना है कि जाम लगाए रखना है को लेकर दिन भर विभिन्न स्थानों पर जाट नेताओं के बीच बैठकों का दौर चलता रहा।
देर शाम तक लगभग सभी स्थानों से जाम हटा लिए गए। हालांकि शहर में हालात सामान्य होने के बावजूद कर्फ्यू में किसी तरह की ढील नहीं दी गई है। शहर को सेना ने अपने सुरक्षा-पहरे में ले रखा है। दिन में पूरे जिले में सेना ने फ्लैग मार्च किया। हवाई निरीक्षण भी लगातार जारी रहा।
सांपला से मिला आदेश तो देर शाम खुले जाम
सरकार द्वारा जाटों को आरक्षण देने की घोषणा और कल हुई सेना की सख्त कार्रवाई के बाद प्रशासन सुबह से ही विभिन्न सड़कों पर लगे जामों को खुलवाने के प्रयास में लग गया था। हालांकि दोपहर को डीसी अनीता यादव व आईजी केके राव ने कहा कि जाम खुल गए हैं, लेकिन प्रशासन को जाम खुलवाने में सफलता देर शाम मिली।
इससे पहले दोपहर को रोहतक रोड पर मदाना, गांव ढ़ाकला, रेवाड़ी रोड, बहादुरगढ़ रोड के गांव कबलाना, बेरी में दोबारा से जाम लगाने की सूचना ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। आंदोलनकारियों का कहना था कि हमें आरक्षण का लिखित आश्वासन नहीं मिला है। साथ ही आंदोलन को लेकर चल रही सारी मांगें पूरी नहीं हुई हैं। गांव ढ़ाकला में तो इसको लेकर 21 गांवों की पंचायत भी दोपहर को बुलाई गई। साथ ही बेरी में पंचायत हुई। दोनों स्थानों पर माहौल पर चर्चा की गई। इसके बाद देर शाम को जाम खोलने का फरमान जारी कर दिया गया।
बेरी में कादयान खाप के प्रधान केदार सिंह ने बताया कि सांपला में चल रहे धरने से जाम खोलने के आदेश पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर उनकी जो मांगे थी वो मान ली गई हैं।
25 तक रहेंगे शिक्षण संस्थान बंद
जिलाधीश अनीता यादव ने झज्जर जिले में कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने व अप्रिय घटना से बचाव के मद्देनजर जिले के सभी शिक्षण संस्थान 25 फरवरी तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न मार्गों पर लगे जाम के कारण हुए अवरोध तथा शांतिप्रियता बनाए रखने के चलते 23, 24 व 25 फरवरी को पूरे जिले में सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थान पूर्णतया बंद रहेंगे।
ठेके रहेंगे 25 तक बंद
जिलाधीश अनीता यादव ने झज्जर जिले के सभी शराब के ठेकों को बंद रखने के आदेश तुरंत प्रभाव से दिए हैं जोकि 25 फरवरी तक लागू रहेंगे। उन्होंने कहा कि आदेश की अवहेलना करने पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सीमाएं सील, अफवाहों से दूर रहें
डीसी अनीता यादव ने कहा कि झज्जर जिले में शांति व्यवस्था कायम रखते हुए पूरे जिले की सीमाओं को सील किया गया है और असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए प्रशासन सजग है।
जिले में बाधित रास्तों को खुलवाने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही सभी मार्गों को सुचारू कर दिया जाएगा। सड़क पर पेड़ों का कटाव होने के कारण बाधित मार्ग से कटे पेड़ों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। अलग अलग टीम बनाकर सुरक्षा बरती जा रही है और लोगो को किसी भी प्रकार से परेशानी न हो इसके लिए विशेष कदम प्रशासन ने उठा हैं। स्थिति पूर्ण रूप से काबू में है। समाज को विघटित करने वाले तत्वों पर प्रशासन की पैनी नजर है और ऐसे असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने जिला वासियों को आपसी भाईचारे के साथ शांति बहाल करने की अपील की है।