झज्जर के बस स्टैंड की कर्मशाला में मंगलवार को 77 वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा था। तभी रोडवेज परिचालक अनिल की तबीयत खराब हो गई। रोडवेज कर्मचारियों ने अधिकारियों से एंबुलेंस मांगी। रोडवेज कर्मचारियों ने आरोप लगाए की प्रशासन ने न तो एंबुलेंस दी और न ही कार्यकर्म से निकलने का रास्ता दिया। प्रशासन स्वतंत्रता दिवस समारोह में इनाम बांटने में व्यस्त था।
अधिकारियों पर लगे लापरवाही के आरोप
रोडवेज कर्मचारियों ने बताया कि यदि समय रहते अनिल को अस्पताल में ले जाया जाता तो शायद जान बच जाती। उन्होंने बताया कि अनिल गांव चमनपुरा का निवासी है और 2012 में रोडवेज में परिचालक लगा था। रोडवेज कर्मचारियों ने बताया कि वह जैसे ही आया उसकी हृदय गति रुकने लगी उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि एंबुलेंस दे दी जाए और गेट भी खोल दिया जाए ताकि अनिल को हॉस्पिटल में ले जाकर उसका उचित इलाज करवाया जा सके लेकिन अधिकारियों ने कहा कि पहले इनाम बांटने जरूरी है। बाद में एंबुलेंस के लिए गेट खुलवा दिए जाएंगे जिसके चलते अनिल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। रोडवेज विभाग के कर्मचारियों ने कर्मशाला के गेट पर जाम लगाकर रोष प्रकट किया।