बहादुरगढ़ में आसौदा गांव में एक साल पहले हुई हत्या की वारदात के चश्मदीद गवाह को मंगलवार की शाम को तीन अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर जख्मी कर दिया। घायल को रोहतक के पीजीआई में भर्ती कराया गया है।
सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल गांव में पहुंची। बाद में रोहतक पहुंचकर पुलिस ने ब्यान दर्ज किए। घायल की हालत अभी गंभीर है। बुधवार को ही उसकी गवाही होनी थी, मगर वारदात के कारण यह टल सकती है। घटना से गाव में तनाव का माहौल है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक साल पहले ही गांव आसौदा टोडराण में संदीप नाम के युवक की रंजिशन हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही एक युवक और उसके दो साथियों का नाम आया था। तीनों को पुलिस ने काबू कर लिया था।
संदीप की हत्या के मामले में उसका चाचा सुरेश पुत्र जिले सिंह चश्मदीद गवाह है। बुधवार को ही उसकी गवाही की तारीख तय है। इससे पहले ही मंगलवार की शाम को सुरेश जब गांव के दादा बूढ़ा मंदिर के पास गया हुआ तभी बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंचे और सुरेश को गोली मार दी। इससे वह जख्मी होकर गिर गया। हमलावरों ने उसके सिर में भी पिस्तौल के बट से वार किए और भाग निकले। गोली चलते ही आसपास में भगदड़ मच गई।
परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल सुरेश को बहादुरगढ़ के अस्पताल लेकर आए। यहां से उसे रोहतक के पीजीआईएमएस रेफर कर दिया गया। इधर, जैसे ही पुलिस को सूचना मिली तो सदर एसएचओ रणधीर सिंह व चौकी प्रभारी अमत कुमार दल-बल के साथ गांव में पहुंचे। एसएचओ रणधीर ने बताया कि यह जानलेवा हमला संदीप की हत्या में सुरेश की गवाही रोकने के लिए किया गया। आरोपियों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।