कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मारपीट के बाद मरने वाले बसंतपुर निवासी गौरव का पोस्टमार्टम बुधवार को भारी सुरक्षा के बीच हुआ।
पीजीआई पोस्टमार्टम हाउस में सुबह से ही पुलिस की कई कंपनियां तैनात कर दी र्गइं। गांव ब्राह्मणवास और बसंतपुर के सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे।
यहां ग्रामीणों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों और गौरव के ससुराल पक्ष पर कार्रवाई की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी ग्रामीण आईजी ऑफिस पहुंच गए।
यहां आईजी श्रीकांत जाधव ने ग्रामीणों को मामले में तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया तो ग्रामीण शव उठाने को तैयार हो गए।
इससे पहले ग्रामीणों की तादाद देखकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। क्योंकि मंगलवार को भी परिजनों ने पीजीआई में हंगामा किया था। जिला पुलिस की तरफ से रिजर्व पुलिस बल को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर तैनात किया गया था। बहादुरगढ़ पुलिस भी यहां पहुंची थी।
गौरतलब है कि गांव बसंतपुर निवासी गौरव की शादी कई वर्ष पहले बंगाल की सरस्वती से हुई थी। दोनों की एक बेटी भी है। 2012 में जब बेटी पल्लवी छह माह की थी तो गौरव की पत्नी घर से कहीं चली गई।
गौरव ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट सदर थाना रोहतक में दर्ज कराई। लेकिन सरस्वती का कहीं पता नहीं चला। बहादुरगढ़ में सरस्वती की मौसी रहती है।
अब कुछ दिन पहले गौरव की सास बहादुरगढ़ आई और यहां के सदर थाने में गौरव के खिलाफ शिकायत दी कि उसने सरस्वती को लापता कर दिया है।
बीते रविवार गौरव को पूछताछ के नाम पर थाने में बुलाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां एक एएसआई ने उसके साथ जमकर मारपीट की। गौरव चीखते हुए थाने से बाहर आया और गिर गया। साथ गए ग्रामीण उसे बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में ले गए।
यहां से उसे पीजीआई रेफ र कर दिया गया। परिजन और ग्रामीण उसे रविवार शाम को ही पीजीआई रोहतक लेकर आ गए। यहां इमरजेंसी वार्ड छह में उसे रखा गया और बाद में वार्ड तीन में शिफ्ट कर दिया गया। इलाज के दौरान सोमवार रात 12 बजे गौरव की मौत हो गई थी। मंगलवार को भी परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा किया था।
आईजी से भी मिले मृतक के परिजन
बहादुरगढ़। गांव बसंतपुर के युवक गौरव की मौत को लेकर बुधवार को भी पुलिस की सिरदर्दी बढ़ी रही। बुधवार को जब तक पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले नहीं हो पाया था, तब तक पुलिस के भी हाथ पांव फूले रहे। रोहतक पीजीआई में डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम हुआ।
युवक की मौत किन कारणों के चलते हुई है यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन विसरा जांच के लिए भेजा गया है। इससे पहले जब शव का पोस्टमार्टम हो रहा था तो उस दौरान मृतक के परिवार के लोग न्याय की गुहार लेकर पुलिस महानिरीक्षक से भी मिले।
उनके समक्ष भी उन्होंने पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप लगाए। जिस पर आईजी श्रीकांत जाधव ने उन्हें आश्वस्त किया कि गौरव की मौत को लेकर मजिस्ट्रेट जांच हो रही है।
यही नहीं पुलिस अधिकारी भी अपने स्तर पर मामले में पूरी जांच कर रहे हैं। जांच में हर पहलुओं को लेकर पूरा ध्यान रखा जाएगा।
उसकी रिपोर्ट में क्या निकलकर सामने आता है उसके बाद ही जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। थाना शहर पुलिस के अनुसार अधिकारियों के उचित आश्वासन के बाद ही परिजन शव को लेने के लिए सहमत हुए।
बता दें कि गौरव को उसकी पत्नी के लापता होने के मामले में पूछताछ के लिए चार दिन पहले थाना सदर में बुलाया गया था। बताया गया है कि यहां पर दोनों पक्षों के लोग आए हुए थे।
इसी बीच उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे इलाज के लिए रोहतक पीजीआई ले जाया गया था। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।
उसकी मौत होने के मामले में परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया था। वहीं पुलिस ने इस तरह के आरोपों को सिरे से नकार दिया था। उनका कहना था कि बेवजह इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।