बीती रात एनसीआर माइनर में नहाने के लिए उतरे दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सुबह शवों को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए। दोनों मृतक दिल्ली के निवासी थे और चार अन्य साथियों के साथ यहां नहाने आए थे। वीरवार की देर रात दिल्ली के गोयला डेयरी के रहने वाले छह दोस्त अपनी दो अलग अलग गाड़ियों में बाढ़सा गांव के पास से गुजर रही एनसीआर माइनर में नहाने आए थे। इनमें महेश, पंकज, मुकेश, अमित, शिवम रोहिल्ला और डेनिक मेहता शामिल थे।
एनसीआर माइनर में तीन युवक नहाने लगे। इसी दौरान शिवम और डेनिक के पांव गहरे पानी में फिसल गए। युवकों ने डूबते हुए काफी शोर मचाया, लेकिन डेनिक मेहता और शिवम रोहिल्ला को बचाया नहीं जा सका। देखते ही देखते दोनों युवक गहरे पानी में डूब गए। इन्हीं में से पंकज ने अपने दोस्तों के डूबने की सूचना पुलिस को दी। दिल्ली सीमा नजदीक होने के चलते दिल्ली के जाफरपुर थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित बादली पुलिस चौकी में जानकारी दी। दोस्तों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन और बादली से पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकलवाने के प्रयास शुरू किए। इसके लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों की मदद भी ली गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शवों को सुबह बाहर निकाला गया।
इसी दौरान मृतकों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवाें का पोस्टमार्टम बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल कराकर परिजनों को सौंप दिया।
बताया गया है कि सभी युवक नहाने के लिए दो गाड़ियों में सवार होकर मुंडाखेड़ा पंप हाउस के पास पहुंचे थे। जहां पर पहले शिवम और डेनिक ने छलांग लगा दी जबकि अन्य दोस्त पास के ही खेतों में शौच इत्यादि के लिए गए थे। जब शिवम और डेनिक डूबने लगे तो उन्होंने बचाने का प्रयास किया लेकिन उन्हें बचाने में कामयाब नहीं हो सके। घटना के बाद युवकों ने रात के करीब दो बजे ही परिजनों और पुलिस को घटना से अवगत कराते हुए मदद मांगी। घटना स्थल पर डीएसपी भगतराम और सदर थाना प्रभारी जसबीर सिंह मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
परिजनों ने किया हंगामा
मृतकों के परिजन बहादुरगढ़ अस्पताल में पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। मृतक डेनिक के पिता उमाशंकर मेहता ने बताया कि पुलिस ने बचाव कार्य में ढीली कार्रवाई की है। युवकों को माइनर से निकालने में गोताखोरों को देरी से बुलाया गया, जबकि हमें माइनर के पास नहीं जाने दिया गया। परिजनों ने शक जताया है कि यह महज दुर्घटना नहीं, इसके पीछे कोई और कारण भी हो सकते हैं। मृतकों के शरीर पर चोट के निशान है। पुलिस गहनता से जांच करे और मामले की सच्चाई सामने लाए।
सदर थाना प्रभारी जसबीर ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल 174 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।