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साढ़े सात लाख गबन के आरोप में क्लर्क पर होगी एफआईआर

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
तहसील ऑफिस बहादुरगढ़ में लाखों रुपये रजिस्ट्रेशन फीस का गोलमाल करने के आरोपी रजिस्ट्री क्लर्क सुभाष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। डीसी झज्जर के आदेश पर इस संबंध में जांच कर एसडीएम ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट भेजी डीसी को भेज दी। उन्होंने क्लर्क के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की है।
बहादुरगढ़ के एसडीएम जगनिवास की रिपोर्ट पर अब डीसी फैसला लेंगी कि क्लर्क के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए या नहीं, जबकि गबन के मामले में सीधे तौर पर ही एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। यहां सवाल यह है कि केवल तीन महीने की कैश बुक की जांच में लाखों रुपये का गोलमाल पकड़ा गया है तो अगर सुभाष के पूरे कार्यकाल की कैश बुक की जांच की जाए तो बड़ा गोलमाल सामने आ सकता है। इस आशय की बात एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कही है। उधर, डीसी के आदेश पर डीआरओ मनबीर सिंह सांगवान और डीआईओ अमित बंसल ने भी मंगलवार को तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया और रिकार्ड की जांच कर रजिस्ट्रेशन फीस के गबन को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया।
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अब भी भुगतान लेने वाली सीट पर आरोपी
तहसील कार्यालय बहादुरगढ़ में रजिस्ट्रेशन फीस में लाखों रुपये का गोलमाल करने के आरोपी रजिस्ट्री क्लर्क को बेरी तहसील में भी इस पद पर लगाया गया है। भुगतान लेने वाली सीट पर इस तरह का गबन करने वाले आरोपी को दोबारा से भुगतान लेने की सीट पर ही लगाने से उच्च अधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़ा हो जाता है।
अंकों की थी हेराफेरी
यह गोलमाल बहुत शातिराना ढंग से किया गया। आरोपी लाखों रुपये की राशि के इकाई के अंक को काटकर उसे चालान में हजार इकाई में कर देता था। यानि छह अंकों की डिजिट को पांच अंकों में कर देता था। इसकी बानगी यह है कि 22 दिसंबर को तहसील कार्यालय में हुई रजिस्ट्रियां और अन्य कागजातों की रजिस्ट्रेशन फीस 3 लाख 77 हजार 102 रुपये बनती थी। उसमें हेराफेरी करते हुए बैंक में चालान द्वारा मात्र 37 हजार 710 रुपये ही जमा करवाए। यानी 377102 रुपये की राशि के इकाई के अंक यानी 2 को हटा दिया और इस राशि को हजार में बना दिया यानी 37710 रुपये बैंक में जमा करा दिए। इसी तरह 11 जनवरी को रजिस्ट्रेशन फीस 310838 रुपये में से बैंक में 31083 रुपये जमा करवाए। वहीं, एक मार्च को क्लर्क पूरी ही रजिस्ट्रेशन फीस डकार गया। एक मार्च की रजिस्ट्रेशन फीस 125840 रुपये की राशि बैंक में जमा ही नहीं करवाई गई। हालांकि यह खुलासा होने के बाद सुभाष की ओर से 1 लाख 25 हजार 840 रुपये तो जमा करा दिए थे, लेकिन 6 लाख 19 हजार 147 रुपये सुभाष की ओर से जमा नहीं कराए गए हैं।
अब रोज जांचा जाएगा फीस का रिकार्ड
रजिस्ट्रेशन फीस में गोलमाल को रोकने के लिए अब हर रोज फीस का रिकार्ड चेक किया जाएगा। कोई भी एक अधिकारी इस रिकार्ड को चेक करेगा। साथ ही डीसी के आदेश पर डीआरओ मनबीर सिंह सांगवान और डीआइओ अमित बंसल ने तहसील कार्यालय में रिकार्ड की जांच की तथा यह भी विचार किया कि फीस में गोलमाल को रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इसकी पूरी योजना बनाकर डीसी से विचार-विमर्श कर उन पर अमल किया जाएगा।
दिन के दिन मिलेंगे के रजिस्ट्री दस्तावेज
रजिस्ट्रेशन फीस में गोलमाल के बाद रजिस्ट्री कराने में चल रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। एसडीएम ने तहसील कार्यालय में अब हर रोज होने वाली रजिस्ट्री के दस्तावेज हर हाल में शाम तक या फिर अगले दिन क्रेता को सौंपने के निर्देश दिए हैं। हालांकि ये आदेश कितने दिन तक लागू रहेंगे यह अभी नहीं कहा जा सकता।
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रिपोर्ट दर्ज कराने की सिफारिश : एसडीएम
रजिस्ट्री क्लर्क सुभाष पर लगे आरोपों की जांच कर डीसी को भेज दी गई है। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है। अब आगे की कार्रवाई का फैसला रिपोर्ट के आधार पर डीसी ही लेंगी।
- जगनिवास, एसडीएम।
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