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डंपर की चपेट में आने से तीन छात्रों की मौत, एक गंभीर

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
नया गांव बाईपास चौक पर मंगलवार की सुबह डंपर की चपेट में आने से तीन छात्रों की मौत हो गई। जबकि एक अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। वहीं, एंबुलेंस और पुलिस के सूचना देने के बाद घटनास्थल पर देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों में रोष पनप गया और गुस्साए ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे-9 (दिल्ली-रोहतक मार्ग) पर जाम लगा दिया। जाम लगाकर ग्रामीण आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे और पुलिसकर्मियों के साथ भी काफी नोकझोक हुई।
बहादुरगढ़ के झज्जर रोड स्थित आईटीआई में पढ़ने वाले छात्र कृष्णपाल, विशाल, दीपक व साहिल रोजाना की तरह मंगलवार की सुबह आईटीआई जाने के लिए अपने गांव गुभाना से निकले। करीब 9 बजे किसी काम के सिलसिले में वे नयागांव बाईपास चौक के पास सड़क किनारे खड़े हो गए। दो छात्र बाइक पर बैठे थे, जबकि अन्य उनके पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आए एक डंपर ने छात्रों को टक्कर मार दी। डंपर की चपेट में आने से चारों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में अधिक चोटें आने के कारण कृष्णपाल, विशाल और दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल छात्र साहिल को राहगीरों ने अस्पताल में दाखिल कराया।
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कार चालक ने किया डंपर का पीछा
हादसे के बाद डंपर चालक मौके से भागने लगा तो वहां से गुजर रहे एक कार चालक ने उसका पीछा किया। लेकिन डंपर चालक भागने में कामयाब हो गया। पुलिस को दी शिकायत में गुभाना निवासी हरबीर सिंह ने कहा है कि उसने अपने भाई को वहां मिलने के लिए बुलाया था। वह वहां पहुंचा ही था कि एक डंपर चालक ने उन्हें टक्कर मार दी।
समय पर पुलिस नहीं आई तो किया हाईवे जाम
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव गुभाना से छात्रों के परिजन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। अपने बच्चों को मृत हालत में देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, काफी देर तक पुलिस के न पहुंचने पर ग्रामीणों व सहपाठियों के सब्र का बांध टूट गया। गुस्साए लोगों ने नेशनल हाइवे-9 के चौक पर जाम लगा दिया। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। मगर ग्रामीणों ने आरोपी चालक की गिरफ्तारी न होने तक शवों को उठाने से इंकार कर दिया।
पुलिस पर जड़े आरोप
घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि 100 नंबर पर कई बार फोन किया गया। लेकिन उक्त नंबर पर संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस अधिकारियों को कॉल की तो उन्होंने सही रिस्पांस नहीं दिया। वैसे तो पुलिस चालान के लिए दिनभर सड़कों पर बैठी रहती है। लेकिन सड़क पर तड़प रहे छात्रों की मदद के लिए नहीं आई। यदि पुलिस सही समय पर आ जाती तो शायद अन्य किसी छात्र का भी जीवन बच सकता था।
पुलिस रोड़ी-डस्ट डंपर चालकों पर नहीं करती कार्रवाई
जाम लगाने वाले लोगों ने सड़क पर होने वाले हादसों का जिम्मेदार पुलिस को ठहराते हुए कहा कि रोड़ी-डस्ट से भरे डंपर दिनभर क्षेत्र की सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। इसी कारण मंगलवार को यह हादसा हो गया। यदि पुलिस इन पर नकेल कसे तो शायद ऐेसे हादसे फिर न हों। मौके पर मौजूद एएसपी लोकेंद्र, डीएसपी भगतराम, सदर एसएचओ जसबीर सिंह आदि अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने के काफी प्रयास किए। अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने के उचित आश्वासन पर ग्रामीणों ने करीब 15 मिनट बाद जाम खोल दिया।
पोस्टमार्टम करा शव सौंपे, साहिल की हालत नाजुक
ग्रामीणों के शांत होने के बाद पुलिस शवों को पोस्टमार्टम कराने के लिए बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में ले आई। इस दौरान अस्पताल में काफी तादाद में आईटीआई के छात्र और ग्रामीण मौजूद रहे। पुलिस ने दोपहर बाद पोस्टमार्टम कराने के बाद तीनों शव परिजनों के हवाले कर दिए। उधर, चिकित्सकों ने घायल छात्र साहिल को प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतक तीनों ही छात्र पहले सेमेस्टर के छात्र थे। कृष्णपाल और विशाल ड्राफ्ट मैन का कोर्स कर रहे थे तो दीपक इलेक्ट्रीशियन की पढ़ाई कर रहा था। घायल साहिल कारपेंटर का कोर्स कर रहा है।
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वर्जन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई थी। परिजनों की शिकायत पर डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जल्द आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- जसबीर सिंह, थाना सदर प्रभारी, बहादुरगढ़।
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