झज्जर। रईया गांव में हुए हादसे में शामिल पांचवें मृतक सुनील को भी मौत खींच ले गई। सुनील अपने दोस्त वीरेंद्र की भतीजी के शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपने गांव से बाइक पर गया था। वापस लौटते समय वीरेंद्र की कार में दिल्ली से झज्जर तक के लिए वीरेंद्र के भाई महेंद्र का परिवार बैठ गया। सदस्यों की संख्या अधिक होने के कारण वीरेंद्र ने कार अपने भाई महेंद्र को सौंप दी व खुद अपने दोस्त सुनील की बाइक पर झज्जर तक आया। जहां पर सभी ने महेंद्र के किला कॉलोनी स्थित मकान पर एक साथ चाय पी। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। महेंद्र का परिवार झज्जर में अपने घर कार से उतर गया तो कार में केवल चार सदस्य बच गए थे। बारिश शुरू होने के कारण वीरेंद्र ने सुनील को बाइक की बजाये गांव तक कार में चलने को कहा। जिस पर सुनील इनके साथ कार में सवार हो गया, जो कि कासनी से छह किलोमीटर पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
गहरे दोस्त थे वीरेंद्र व सुनील
हादसे में काल का ग्रास बने वीरेंद्र व सुनील में गहरी दोस्ती थी। परिचितों ने बताया कि दोनों साथ पढ़े थे और वर्तमान में भी साथ ही रहते थे। वीरेंद्र की दुकान के लिए सब्जी लाने के लिए भी सुनील उसके साथ सुबह मंडी जाता था। वहीं 20 दिन पूर्व सुनील के बहन के ससुराल लिजवानां में पीलिया देने के लिए भी दोनों साथ ही गए थे। हादसे में दोनों की मौत भी साथ हुई।
आठ भाई-बहनों में बड़ा था सुनील
अपने आठ भाई-बहनों में सुनील सबसे बड़ा था। सुनील की छह बहनें हैं तथा एक छोटा भाई, जो कि करीब 11 वर्ष का है। मृतक सुनील की चार बहनों की शादी हो चुकी है। वहीं उसके पिता छह माह से बीमार चल रहे हैं। ऐसे में घर पर कमाने वाला एकमात्र सदस्य सुनील ही था, जिसकी मौत हो गई।