अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
एचएसआईआईडीसी सेक्टर-17 स्थित एक जुता कंपनी के मालिक ने बीती रात अपनी ही फैक्टरी में फंदा लगाकर जान ने दी। शुक्रवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। घटनास्थल के पास से पुलिस को कई पेज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में मृतक ने तीन लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मूलत: गांव भापड़ोदा का निवासी पंकज राठी पिछले कुछ समय से परिवार सहित ओमैक्स में रह रहा था। करीब दो साल पहले उन्होंने सेक्टर-17 के फुटवीयर पार्क में पार्टनरशिप में जुता फैक्टरी शुरू की। जानकारी के अनुसार वीरवार की रात पंकज राठी करीब पौने 11 बजे फैक्टरी जाने की बात कहकर घर से निकला था। फैक्टरी पहुंचकर अपने दूसरे साथी अनिल को यह कहकर घर भेज दिया कि वह रात को फैक्टरी में ही रहेगा। बताया जा रहा है कि देर रात तक पंकज राठी ने व्हाट्स ऐप ग्रुपों पर ऑल ऑफ यू गुड नाइट एंड स्वीट ड्रीम के मैसेज भी फारवर्ड किए। शुक्रवार की सुबह जब फैक्टरी का एक कर्मचारी ग्राउंड फ्लोर पर बने स्टोर रूम में गया तो वहां पंकज का शव फंदे पर लटकता दिखाई दिया। उसने तुरंत शोर मचा दिया और परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से उतारकर बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में लाया गया। यहां दोपहर बाद पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।
उद्यमी पहुंचे अस्पताल
एक बेटे का पिता पंकज अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार सदमे में है। पंकज के सुसाइड करने की सूचना मिलने पर फुटवीयर एसोसिएशन से जुड़े कई उद्यमियों भी अस्पताल में पहुंचे। पंकज का स्वभाव मिलनसार था। उसकी मौत पर हर कोई आहत था।
सुसाइड नोट में लिखी पुरी कहानी
घटना स्थल पर पुलिस को 10 पेज का सुसाइड नोट मिला। इस नोट में पंकज ने फैक्टरी लगाने से लेकर सुसाइड करने तक की पुरानी कहानी लिखी है। तीन लोगों पर आत्म हत्या के लिए मजबूर करने का भी आरोप है।
पिता की व्यथा
पुलिस को दी शिकायत में मृतक पंकज के पिता राजेंद्र ने बताया कि पिछले करीब छह महीने से पंकज परेशान था। जब भी उससे पूछने की कोशिश करते तो कहता बिजनेस की वजह से परेशान है। काफी पूछने पर एक दिन उसने बताया कि फैक्टरी के मैनेजर और टेंडर दिलाने वाले दो लोगों ने उसका जीना हराम कर रखा है। वे उस पर हिसाब क्लीयर करने का दबाव बना रहे हैं। जबकि वह हिसाब पूरा कर चुका है। तीनों की नीयत खराब हो चुकी है और अनुचित दबाव बना रहे हैं। धमकियां भी देते हैं। कहते हैं हमें तो पैसे से मतलब है तू चाहे मरे या जीये। पीड़ित ने बताया कि गत 21 सितंबर की रात को खाना खाने के बाद करीब पौने 11 बजे पंकज फिर से कंपनी जाने को कहने लगा। उसे रोकना चाहता तो बोला कि तीनों ने उसकी जिंदगी नरक बना दी है। थोड़ा बहुत जो काम बचा है, वह काम करने जाना ही पड़ेगा। उसके बाद पंकज वापस नहीं आया। सुबह उसकी मौत की सूचना मिली। राजेंद्र का कहना है कि उसके बेटे की मौत के जिम्मेदार मैनेजर दिलीप, प्रभात व कंवलजीत तीनों है। इन्होंने ही उसे आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया।
एक बिजनेस मैन होने के साथ-साथ पंकज राठी सामाजिक गतिविधियों में भी लगातार भाग लेते रहे। आमजन की समस्याओं को भी उठाने में पीछे नहीं रहे। समस्याओं का समाधान न होने पर ओमैक्स के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी। भूख हड़ताल पर रहे। अपनी इस छवि के कारण लोगों का उनसे गहरा जुड़ाव था। ...ऐसा नहीं है कि मुझ में कोई ऐब नहीं है, पर सच कहता हूं मुझ में कोई फरेब नहीं हैं। ये लाइनें पंकज राठी ने अपने फेसबुक अकाउंट के बायो में डाल रखी हैं।
वर्जन
आसौदा पुलिस चौकी प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला सुसाइड का नजर आ रहा है। एफएसएल टीम ने साक्ष्य लिए तो आसपास से मोबाइल डंप भी उठाए गए हैं। फैक्टरी में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी जांची जा रही है। सुसाइड नोट को लैब में भेजा जाएगा। परिजनों की शिकायत तीन नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर पूछताछ की जाएगी।
- व्हाट्स एप ग्रुपों पर ऑल ऑफ यू गुड नाइट एंड स्वीट ड्रीम के मैसेज कर फंदे पर झूल गया फैक्टरी मालिक
- घटनास्थल के पास मिला 10 पेज का सुसाइड नोट
- तीन लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप
- पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की