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जेई हड़ताल पर थे तो नहीं कटवाया परमिट, लापरवाही से हुए हादसे में गई दो की जान

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झज्जर। मालियावास गांव के खेतों में मंगलवार दोपहर बाद बिजली की लाइन के तार खींच रहे ठेकेदार के दो कर्मी करंट की चपेट में आ गए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया है। देर शाम तक मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं।
खाचरौली गांव निवासी मनोज पुत्र अजीत और कृष्ण पुत्र रामनिवास बिजली निगम के ठेकेदार देवेंद्र दहिया के पास काम करते थे। मंगलवार को वे मालियावास गांव में खेतों की लाइन के तार खींच रहे थे। उस दौरान उन्होंने एलटी लाइन को तो हैंडल डालकर बंद कर दिया था, लेकिन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को बंद नहीं करवाया गया था, क्योंकि बिजली निगम के जेई हड़ताल पर थे। हड़ताल होने के चलते उन्हें परमिट नहीं मिला। वहीं उन्होंने समझा कि कार्य एलटी लाइन पर करना है तो वे कर लेते हैं। इसी लापरवाही के कारण तार खींचते समय ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गया। इससे खंभे पर चढ़े हुए कृष्ण और नीचे से तार पकड़े हुए मनोज दोनों करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही झुलस गए। इससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने मौका मुआयना किया। आगामी कार्रवाई के लिए पुलिस मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज करने के इंतजार में थी।
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परिवार में अकेला था कृष्ण
कृष्ण परिवार में अकेला था और उसकी मां को हादसे के बारे में जानकारी नहीं दी गई है, जबकि मनोज का पिता भी बुजुर्ग है। इसलिए उनके परिजनों को भी हादसे के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। ग्रामीणों और उनके अन्य परिजनों की तरफ से पुलिस को बुधवार की सुबह बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है।
टूटा हुआ खंभा बदलने को दिए गए थे निर्देश
बिजली निगम की तरफ से ठेकेदार को कृषि क्षेत्र की लाइन के टूटे हुए खंभे को ठीक करने के लिए आदेश दिए गए थे। ठेकेदार के कर्मचारी खंबा लेकर गए थे और वे खंभा खड़ा कर उस पर तार लगा रहे थे। इसी दौरान तार जंप कर गया और ऊपर से गुजर रही लाइन के तारों को छू गया। बताया जा रहा है कि ठेकेदार के पास काम करने वाले कर्मचारियों के पास सुरक्षा उपकरण नहीं थे। इससे यह हादसा हुआ है। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर एचटी लाइन को भी बंद करवा दिया जाता तो हादसा टल सकता था। सूचना मिलते ही बिजली निगम के अधिकारी भी सामान्य अस्पताल में पहुंच गए थे। अधिकारियों कहाना है कि इस मामले में ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही जुर्माना किया जा सकता है। मामले की जांच में ठेकेदार दोषी मिला तो निगम की तरफ से उसके खिलाफ मामला भी दर्ज कराया जा सकता है।
वर्जन
अभी मामले की जांच की जाएगी। वे स्वयं मौके पर जाकर देखेंगे और जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चाहे वह निगम का कर्मचारी हो या फिर ठेकेदार।
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- एसके जैन, एसई, बिजली निगम, झज्जर
वर्जन
अभी तक मृतक के परिजनों के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। बयान दर्ज होने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- सुंदर पाल, पुलिस चौकी प्रभारी, सासरौली
वर्जन
उसने सुरक्षा उपकरण किट दे रखी है, लेकिन कई बार कर्मचारी खुद नहीं लेकर जाते। हड़ताल के चलते कर्मियों ने एचटी का परमिट नहीं कटवाया था। कर्मचारियों ने उन्हें स्थिति से अवगत करवाया होता तो वे कार्य नहीं करने देते।
-देवेंद्र दहिया, बिजली निगम ठेकेदार।
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