अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
पुलिस ने 400 केवी झाड़ली सीएलपी दनोदा लाइन के टावरों के सामान की रखवाली करने वाले चौकीदारों को बंधक बनाकर लूटपाट करने के मामले के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पुलिस मामले में चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
सासरौली चौकी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि अनिल कुमार निवासी छौत जिला कैथल ने शिकायत देते हुए बताया था कि वह एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सुपरवाइजर है। उनकी कंपनी द्वारा 400 केवी झाड़ली सीएलपी दनोदा लाइन के टावर बनाने का कार्य किया जा रहा था। तेज हवा में टावर गिर गए थे, जिन्हें कंपनी द्वारा दोबारा बनाने का कार्य किया जा रहा था। 25 फरवरी 2018 की रात को एक सफेद रंग की बोलेरो, दो कार, दो बाइक तथा एक आइसर कैंटर में हथियारों से लैस होकर आए करीब 20 युवक चौकीदारों को बंधक बनाकर गांव खोड़ा के एरिया में रखे टावरों का सामान लूटकर ले गए।
मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को काबू किया। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान संदीप पुत्र प्रताप सिंह व भीम पुत्र कृष्ण दोनों निवासी गांव आदमपुर दाढी जिला चरखी दादरी, अजय पुत्र दिलीप सिंह निवासी सुल्तानपुर जिला हिसार तथा अजय पुत्र उमेद सिंह निवासी गोलपुरा जिला भिवानी के तौर पर हुई। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
इन्हें भेजा जेल
पुलिस ने मामले में पहले पकड़े चारों आरोपियों नरेश उर्फ बाबा पुत्र रणवीर सिंह निवासी गांव कुबजा नगर जिला चरखी दादरी, जितेंद्र उर्फ विक्की पुत्र ओमप्रकाश निवासी गांव कलोठ खुर्द जिला झुंझुनू राजस्थान, प्रवीण पुत्र रोहतास निवासी गांव गोलपुरा जिला भिवानी तथा रवि पुत्र रूप सिंह निवासी गांव आदमपुर दाढी जिला चरखी दादरी को रिमांड पूरा होने के बाद अदालत में पेश किया। जहां से चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रिमांड के दौरान के आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया कुछ सामान बरामद किया है।