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15 से 14 हो गए अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले, चेयरमैन राठी के पाले में आया पार्षद प्रेमचंद

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
नगर परिषद बहादुरगढ़ की चेयरमैन शीला राठी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेेने वाले पार्षदों की मुहिम को उस समय झटका लगा, जब उनका एक पार्षद शीला राठी के पक्ष में आ गया। हुआ यूं कि मंगलवार को वार्ड नंबर-2 के पार्षद प्रेमचंद ने पाला बदलते हुए चेयरमैन शीला राठी की तरफदारी की।
चेयरमैन के पक्ष में यह पार्षद डीसी सोनल गोयल के पास पहुंचा और अपना शपथ-पत्र दिया। शपथ-पत्र में उसने कहा कि वह चेयरमैन शीला राठी के प्रति पूरा विश्वास व्यक्त करता है तथा सोमवार को कुछ लोगों ने उससे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। इसके बाद उन्होंने उसके नाम का शपथ-पत्र भी तैयार करवा लिया। वह शीला राठी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पार्षदों के साथ कतई नहीं है।
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नप में चल रही हैं सियासी उठापटक
बहादुरगढ़ नप में काफी दिनों से सियासी उठापटक चल रही है। कभी पार्षद चेयरमैन शीला राठी पर भेदभाव का आरोप लगाकर नप कार्यालय में ही पत्रकार वार्ता करते हैं तो कभी उनके खिलाफ अलग-अलग मुद्दों पर मोर्चा खोलकर उन्हें घेरने का प्रयास करते हैं। लेकिन फिलहाल सियासी गणित चेयरमैन शीला राठी के पक्ष में ही नजर आ रहा है। क्योंकि 31 पार्षदों वाली नप में अब शीला राठी के खिलाफ शपथ पत्र देने वालों की संख्या केवल 14 रह गई। जबकि अविश्वास प्रस्ताव के लिए कम से कम दो तिहाई बहुमत यानि 21 पार्षद चाहिए।
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नप में नहीं कोई विपक्षी : राठी
नप में उनका कोई विपक्षी नहीं है। कुछ लोग लालच में आकर बेवजह के प्रयास कर रहे हैं। जोकि सपने में भी उनके प्रयास पूरे होने वाले नहीं हैं। ऐसे में उन लोगों को शहर के विकास के बारे में सोचना चाहिए। ऐसे लोगों को अपने वार्ड के विकास से भी कोई मतलब नहीं है। ये केवल निजी स्वार्थ में वशीभूत होकर इस प्रकार की हरकतें कर रहे हैं। नप में उनका पास पूरा बहुमत है। इन लोगों ने पहले भी कोर्ट में जाकर बहादुरगढ़ के विकास को प्रभावित करने का कार्य किया था। लेकिन इन्हें वहां भी हार का सामना करना पड़ा।
- शीला राठी, चेयरमैन, बहादुरगढ़ नगर परिषद।
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