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लोन के नाम पर ट्रांस्पोर्टर से ठगे 95 हजार

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
खुद को लोन कंपनी का कर्मचारी बताकर एक शातिर द्वारा बहादुरगढ़ निवासी ट्रांसपोर्टर से 95 हजार रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। अपने रुपयों के लिए पीड़ित कभी थाने तो कभी सीएम विंडो के चक्कर लगा रहा है। उधर, पुलिस ने उसकी शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठग को पकड़ने के लिए अब बहादुरगढ़ पुलिस आगरा में दबिश देगी।
पहले लिया था बाइक पर लोन
बहादुरगढ़ की डीआईजी कॉलोनी का निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि वह ट्रांसपोर्टर है। उसने बाइक के लिए होम क्रेडिट कंपनी गुरुग्राम से लोन लिया था। बाइक की जब आखिरी जब आखिरी किश्त रह गई थी तो होम क्रेडिट कंपनी से उसके पास फोन आया और कहा कि आपको 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। यह आफर केवल आज के लिए है, अगर आप लेना चाहो तो आईडी देनी होगी। तीन दिन के भीतर अकाउंट में लोन राशि क्रेडिट कर दी जाएगी। प्रमोद ने दस्तावेज जमा कराए तो उसके खाते में डेढ़ लाख रुपये आ गए।
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कंपनी के नाम से की ठगी
प्रमोद ने बताया कि सात किश्तें जमा करने के बाद फिर से किसी व्यक्ति की कॉल आई। उसने खुद को होम क्रेडिट कंपनी का कर्मचारी बताया। साथ ही कहा कि आपको एक आफर के तहत 3 लाख रुपये का लोन मिल रहा है। इसके लिए पहले लिए गए लोन की बची हुई राशि जमा करानी होगी। बकौल प्रमोद, वह उसके झांसे में आ गया और उसने 15 नवंबर को 58500 रुपये व 22 नवंबर को 36500 रुपये कैश आईसीआईसीआई बैंक बहादुरगढ़ से उक्त व्यक्ति के खाते में जमा करा दिए। कुछ दिन बाद तक जब लोन राशि खाते में नहीं आई तो उन्होंने उक्त व्यक्ति से संपर्क किया, मगर वह उन्हें बरगलाता रहा। बाद में उससे संपर्क नहीं हो पाया।
आगरा का है ठग
इसके बाद वह गुरुग्राम स्थित कंपनी के ऑफिस में गया तो पता चला कि कंपनी से किसी कर्मचारी ने उसके पास कॉल नहीं की। किसी शातिर ठग ने कंपनी के नाम का सहारा लेकर उससे रुपये ठगे हैं। फिर प्रमोद ने यह शिकायत सीएम विंडो में डाल दी। सीएम विंडो से यह मामला अब पुलिस के पास आ गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस बहादुरगढ़ स्थित आईसीआईसीआई बैंक पहुंची और उक्त व्यक्ति के खाते के बारे में जानकारी जुटाई। जोकि खाता मैट्रिक्स इंडिया के नाम से हैं। यह खाता आगरा निवासी रमाकांत का है। फिलहाल पुलिस ने उक्त खाते को सीज करा दिया है।
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अधिकारी बोले
शहर थाना पुलिस प्रभारी इंस्पेक्टर ललित कुमार ने कहा कि केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। खाता सीज करा दिया गया है। आगरा पुलिस से संपर्क कर उक्त व्यक्ति के संभावित ठिकानों को पता लगाकर दबिश दी जाएगी। जल्द से जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उपभोक्ता की डिटेल कहां से लीक हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।
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