बौंदकलां में दो महिलाओं की चोटी कटी
अमर उजाला ब्यूरो
बौंदकलां।
बौंदकलां क्षेत्र में दो महिलाओं की चोटी कटने की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि दोनों ही मामलों की शिकायत पुलिस को नहीं दी गई है। जिला पुलिस प्रशासन ने लोगों से इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मनोविज्ञान विशेषज्ञ भी इसे नकारात्मक मानसिकता की देन बता रहे हैं।
जानकारी अनुसार मंगलवार रात बौंदकलां निवासी शिवकुमार की पत्नी कृष्णा बिजली न होने के चलते मंगलवार रात आंगन में सो रही थी। रात करीब एक बजे जब कृष्णा की नींद खुली तो उसे चोटी के बाल कटे मिले। इसके तुरंत बाद कृष्णा ने मामले की जानकारी अन्य परिजनों को दी। परिजनों ने घर में इधर-उधर देखा लेकिन कही कुछ नहीं मिला। कृष्णा ने बताया कि उसे चोटी के बाल कटने का अहसास तक नहीं हुआ। दूसरी घटना बौंदकलां निवासी ओमपाल उर्फ कुकी की पत्नी रानी के साथ बुधवार सुबह पांच हुई। रानी ने बताया कि जब वह गली में निकली तो अचानक उसे धक्का लगने का अहसास हुआ। इसके बाद जब उसने चुन्नी संभाली तो उसकी चोटी के बाल कटे मिले। रानी ने बताया कि उसे भी आसपास कोई नजर नहीं आया।
पुलिस कर रही लगातार गश्त : कार्यकारी एसएचओ
इस बारे में कार्यकारी एसएचओ जोगेेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस के पास महिलाओं की चोटी काटे जाने की कोई शिकायत नहीं पहुंची है। पुलिस रातभर गश्त कर रही है, लेकिन ये वारदात लोगों का वहम है। पुलिस फिर भी सतर्कता से काम कर रही है।
वर्जन:
इस तरह की घटनाओं को विज्ञान सच नहीं मानता। ये लोगों का महज वहम है। इस तरह के अफवाहों के दौर में हमें हमारी सोच सकारात्मक रखनी चाहिए। -डॉ. अनुपमा धमीजा, मनोविज्ञान विशेषज्ञ
फोटो 31 चोटी के कटे बाल दिखाती महिला कृष्णा की पुत्रवधू।
फोटो 32 महिला रानी की कटी चोटी दिखाती अन्य महिला।