अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सोमवार की रात हुए आतंकी हमले के बाद बहादुरगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई, लेकिन जब अमर उजाला ने शहर के प्रमुख स्थानों पर जमीनी हकीकत जांची तो कहीं कोई जवान नजर नहीं आया। सेक्टर-9 मोड़ बाईपास पर केवल होमगार्ड का एक जवान नजर आया। इसके अलावा कहीं कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं था। दिल्ली बार्डर से शुरू होकर शहर के जाखोदा बाईपास तक करीब 10 किलोमीटर का एरिया है। यहां किसी तरह की कोई सुरक्षा नजर नहीं आई। कहीं पर किसी तरह की कोई तलाशी अभियान नहीं किया गया। यही नहीं शहर के रेलवे स्टेशन के अलावा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी कहीं कोई तलाशी अभियान नहीं चलाया गया।
ऐसे में कोई भी संदिग्ध वाहन शहर में आसानी से घुस सकता है। पुलिस द्वारा क्षेत्र वासियों की सुरक्षा व्यवस्था में बरती जा रही ढिलाई किसी भी समय भारी पड़ सकती है। हालांकि एसपी बी सतीश बालन की ओर से जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले के तुरंत बाद अलर्ट घोषित कर दिया गया था। जबकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दावा किया है कि जम्मू कश्मीर में हुई आतंकी घटना के बाद से ही शहर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर रखी है। संदिग्ध वाहनों की बारीकी से तलाशी लेने के बाद ही उसे शहर मेें घुसने दिया जा रहा था।
वर्जन
एमआइई चौकी प्रभारी देवेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें उच्चाधिकारियों की ओर से जिस तरह से दिशा-निर्देश मिले थे, उन्हीं के अनुसार शहर में टिकरी बार्डर व अन्य कई स्थानों पर चेकिंग अभियान चला रखा है। इस दौरान कई वाहनों के चालान भी किए हैं। शहर में आने वाले हर वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है।
- शहर में न तो टीकरी बार्डर पर और न ही सेक्टर-9 बाईपास मोड़ पर नजर आई पुलिस
- जाखोदा बाईपास पर नहीं हुई कोई चेकिंग
- प्रशासनिक अधिकारियों का पुख्ता सुरक्षा का दावा