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पटवार खाने में रिकार्ड चोरी करने वालों का सुराग नहीं

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
पटवार खाने में हुई चोरी के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। वहीं दूसरी तरफ एक सामाजिक कार्यकर्ता ने इस मामले में सीएम विंडो में शिकायत दी है। शिकायकर्ता का कहना है कि पटवारखाने में हुई यह चोरी भ्रष्टाचार एवं घोटाले को छिपाने का प्रयास है। मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
दरअसल, पुराना लघु सचिवालय परिसर के पीछे स्थित पटवारखाने में बुधवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में चोरी हो गई थी। चोर यहां से आधे से अधिक रिकार्ड ले गए। इस मामले में पटवारियों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज तो दर्ज कर लिया है। मगर खुद यहां के पटवारी व अन्य कर्मचारी भी पुलिसिया जांच का हिस्सा हैं। जांच अधिकारी धर्मबीर की मानें तो तफ्तीश चल रही है। रिकार्ड किसने और किन कारणों से चोरी किया गया, यह पता लगाया जा रहा है। जो भी दोषी मिला उसके खिलाफ कार्यवाही होगी।
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शिकायतकर्ता राहुल मंडोरा ने कहा है कि पटवार खाने में दस्तावेजों की चोरी एक बहुत बड़े घोटाले भ्रष्टाचार को छिपाने की ओर इशारा कर रही है। बहादुरगढ़ का तहसील विभाग पहले भी भ्रष्टाचार की सुर्खियों में रहा है। पिछले 20 वर्षों का रिकॉर्ड उठाकर देखा जाए तो पता चलेगा कि राजनीतिक प्रभाव तहसील के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से आज तक की गई गड़बड़ी के कारण वह आज कई हजार करोड़ के मालिक बन गए हैं। तहसील के अधिकारी क्या छोटे कर्मचारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक है। न केवल दस्तावेजों की बल्कि बहादुरगढ़ में इस विभाग में रहे तमाम कर्मचारियों और अधिकारियों की संपत्ति की भी जांच की जानी चाहिए।
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