अमर उजाला ब्यूरो
बादली (झज्जर)।
क्षेत्र में ओवरलोड वाहन मौत बनकर दौड़ रहे हैं। हर सड़क पर जहां ओवरलोड वाहन बिना किसी डर और भय के गुजर रहे हैं। वहीं, पेलपा में ओवरलोड वाहन ग्रामीणों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। पेलपा और सौंधी के बीच मिट्टी खुदाई का काम जोरों पर चल रहा है। जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ट्रक-डंपर और ट्रैक्टर-ट्राली मिट्टी लेकर निकलते हैं। ये वाहन आए दिन हादसे का कारण बन रहे हैं।
शुक्रवार को पेलपा गांव के पास हुए दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत का कारण भी ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होना है। जिस जगह पर यह हादसा हुआ है उसी जगह पर पहले भी हादसे हो चुके हैं। कुछ दिन पहले भी ओवरलोड वाहन एक मासूम बच्ची को कुचल गया था। उस समय भी ग्रामीणों ने रोड जाम कर ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन प्रशासन ने केवल आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत करा दिया था।
पेलपा गांव के पास मिट्टी खनन का काम जोरों पर चल रहा है। खनन का कार्य से पेलपा और सौंधी गांव के ग्रामीणों की परेशानी का कोई पैमाना नहीं है। एक ओर जहां ओवरलोड वाहन सरकारी टैक्स की जमकर चोरी करते हैं। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ाकर दहशत फैलाने का काम भी कर रहे हैं। पुलिस कभी-कभी छोटे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर खानापूर्ति कर जाती है। मगर कभी भी ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती। केवल पेलपा और सौंधी गांव में ही नहीं बल्कि बादली बाईपास पर बड़े वाहन आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। कुछ दिन पहले एक बड़े वाहन की लापरवाही से बादली के बाईपास चौक पर एक महिला सहित 3 लोगों की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस से ओवरलोड वाहनों पर पूरी तरह से लगाम कसने की मांग की है। ताकि दुर्घटनाओं में कमी के साथ साथ ग्रामीण भी राहत की सांस ले सके।