अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। रईया गांव के पास सड़क दुर्घटना का शिकार हुए कासनी गांव के दोनों परिवारों में दूसरे दिन भी मातम पसरा रहा। घर की महिलाओं ने दूसरे दिन भी पड़ोसियों व रिश्तेदारों द्वारा प्रयास करने के बावजूद खाना नहीं खाया। कासनी निवासी वीरेंद्र की अपनी भतीजी की शादी समारोह से लौटने के दौरान वीरवार को रईया गांव के पास सड़क हादसे में अपने मित्र सुनील, पत्नी, बेटा और बेटी के साथ मौत हो गई थी। पांचों कार में सवार होकर दिल्ली से लौट रहे थे। इसी दौरान झपकी आने से कार की टक्कर ट्रक से हो गई और पांचों की मौत हो गई। इतने बड़े हादसे ने परिवार ही नहीं पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है। वहीं मृतक वीरेंद्र की भाभी मीना व बहन वीरवार को दिन में बार-बार बेसुध होती रही। जैसे ही शोक व्यक्त करने कोई रिश्तेदारी से आया तो हर बार परिवार की महिलाओं की हालत बिगड़ती रही। इसके कारण बार-बार चिकित्सक को बुलाकर महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच करवाई गई।
दुल्हन बनी भतीजी पहुंची कासनी
वीरेंद्र का परिवार अपने भाई सतीश की जिस बेटी की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली गया था। घटना के बाद ससुराल से वह भी बुधवार शाम को ही कासनी पहुंच गई थी। हादसे के कारण पग फेरे की रस्म भी दिल्ली में नहीं हो पाई। अब मृतक वीरेंद्र की भतीजी कासनी में ही है। परिवार को गमगीन माहौल से उबारने के लिए रिश्तेदार व ग्रामीण प्रयास कर रहे हैं।
मृतक सुनील के बहनें हुई बेसुध
परिवार में सबसे बड़े व इकलौते कमाने वाले सुनील के घर भी परिजनों का वीरवार को बुरा हाल रहा। मृतक सुनील की सभी छह बहनें दिन भर बेसुध रही। परिजनों के बार-बार प्रयास के बावजूद भी किसी ने खाना नहीं खाया। किसी ने खाया भी तो उसको उल्टी लग गई। ग्रामीण चर्चा कर रहे थे हादसे ने गहरे जख्म दिए हैं, जिन्हें भरने में समय लगेगा।