गैंगरेप और डबल मर्डर के आरोपी पुलिस से बचने के लिए हर सप्ताह बदलते थे ठिकाने
चरखी दादरी। दिल्ली के कंझावला पुलिस थाने में दर्ज गैंगरेप और डबल मर्डर मामले के आरोपी विकास उर्फ विक्की और मोहित हर सप्ताह ठिकाना बदल लेते थे। जिसकी वजह से पुलिस के इन तक नहीं पहुंच पा रही थी। इन आरोपियों ने उत्तर प्रदेश में भी अपना छिपने का ठिकाना बनाया हुआ था। दिल्ली पुलिस ने इन दोनों की गिरफ्तारी नहीं होने पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया था। दादरी सीआईए की पूछताछ में दोनों आरोपी खुलासे कर रहे हैं। हालांकि इनके खुलासे को लेकर मंगलवार को पुलिस प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। सूत्रों के अनुसार दादरी जिला प्रशासन की रिमांडवधि पूरी हो जाने के बाद दिल्ली सहित प्रदेश के अन्य जिलों की पुलिस इन्हें प्रोडेक्शन वारंट पर ले जा सकती है।
ज्ञात रहे कि रविवार देर शाम दादरी में किसी वारदात को अंजाम देने से आए एक युवक को सीआईए टीम ने हथियार सहित झाडू सिंह चौक के समीप से गिरफ्तार किया था। आरोपी की पहचान प्रवेश नगर मुबारकपुर डबास दिल्ली निवासी मोहित के रूप में हुई थी। पुलिस की पूछताछ में मोहित ने खुद को गैंगरेप व डबल मर्डर का आरोपी बताया और दादरी निवासी विकास उर्फ विक्की के भी इसमें संलिप्त होने की बात बताई। सीआईए एंचार्ज हितेंद्र दांगी ने बताया कि मोहित के खुलासे के बाद ही पुलिस ने हरकत में आते हुए दादरी शहर में अलग-अलग जगहों पर दबिश दी और विकास को गिरफ्तार किया। रिमांडवधि के पहले दिन आरोपियों ने कबूल किया कि वो वारदात को अंजाम देने के बाद उस क्षेत्र को तुरंत छोड़ देते थे। इसके अलावा उन्होंने गुरूग्राम में भी कई ठिकाने बनाए हुए थे। आरोपियों ने बताया कि जगह बदलने के साथ-साथ वो अपनी पहचान भी बदल लेते थे। प्रभारी हितेंद्र दांगी ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस जिले से या प्रदेश से बाहर भी दबिश दे सकती है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ चल रही है।