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एसआईटी एसपी संगीता कालिया पहुंची सिटी चौकी, परिजनों व पुलिसकर्मियों के बयान किए कलमबद्घ

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झज्जर। सिटी चौकी में हुई राजेश की मौत मामले में जांच का जिम्मा मंगलवार को ही जिला पुलिस के द्वारा क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था। जिस पर स्टेट क्राइम ब्यूरो की एसपी संगीता कालिया जांच के लिए बुधवार को राजेश की मौत के कारणों का पता लगाने झज्जर पहुंची। आईपीएस संगीता कालिया सबसे पहले घटनास्थल का मुआयना करने व सारी घटना को बारीकी से समझने के लिए सिटी चौकी पहुंची। जहां पर वो एसएचओ सीमा के साथ उस कक्ष में गई, जहां पर पुलिस ने राजेश के फंदा लगाने की बात कही थी। इस दौरान उन्होंने एसएचओ सीमा से तथ्यों को लेकर चर्चा की। जांच टीम में उनके साथ एक इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर शामिल हैं।

निलंबित पुलिसकर्मियों से भी की पूछताछ
एसपी संगीता कालिया सिटी चौकी से सीधे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुुंची। जहां पर उन्होंने निलंबित किए गए हवलदार संदीप व मुंशी को बुुलाया। लेकिन मुंशी मौके पर पहुंच नहीं सके तथा इस दौरान उन्होंने हवलदार संदीप से पूछताछ की। एसपी संगीता कालिया के द्वारा की गई पूछताछ बंद कमरे में हुई, इस दौरान वह अकेला ही उनके समक्ष मौजूद था।
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सामाजिक संगठनों से की बातचीत
परिवार के लोगों के रेस्ट हाउस पहुंचने तक एसपी संगीता कालिया ने शहर के सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों से भी मामले को लेकर बातचीत की। वहीं इस दौरान परिवार तक पुलिस के पैसे भिजवाए जाने के मामले को उठाया तो उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ऐसा किया है, उन्हें नोटिस देकर तफ्तीश में शामिल किया जाएगा।

परिजनों से बंद कमरे में की बातचीत
एसपी संगीता कालिया ने बंद कमरे में मृतक राजेश के परिजनों से बातचीत की। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस दौरान उनके बयान भी कलमबद्ध करवाए। मृतक राजेश की मां ने अपने बयान में बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसके बेटे को 12 बजे से चौकी में रखा हुआ था लेकिन उसे शाम 6 बजे तक नहीं बताया गया कि उसके बेटे की मौत हो चुकी है।

आखिर क्या है मामला
झज्जर पुलिस चौकी में करीब 8 रोज पहले यहां की राधा स्वामी कॉलोनी में रहने वाले राजेश नामक युवक ने जांच अधिकारी के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि तमाम कार्रवाई के बाद अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मामले की जहां मजिस्ट्रेट जांच चल रही है वहीं अब सरकार ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्राइम ब्यूरो से जांच भी शुरू करा दी है।
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पूरे घटनाक्रम के तथ्य जुटाने में करीब 15 दिन का समय और लगेगा। जांच में कुछ समय लग सकता है लेकिन निष्पक्ष जांच कर परिवार को न्याय दिलवाया जाएगा। अगर परिवार गुरूग्राम जाने में समर्थ नहीं हुआ तो वे खुद झज्जर आकर जांच के लिए उनसे बात करेंगी।
संगीता कालिया, जांच अधिकारी, क्राइम ब्रांच।
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