खेड़ी-आसरा में हुआ दोहरा (मां-बेटी) हत्याकांड पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। परिजनों की ओर से न तो किसी पर शक जताया गया है और न ही पुलिस को कोई सुराग मिला है। फिलहाल अज्ञात पर ही हत्या का केस दर्ज हुआ है। हत्यारोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस मोबाइल डंप उठाएगी। मृतक मां-बेटी व अन्य परिचितों की कॉल डिटेल्स भी खंगालेगी। वहीं जिस कमरे में मां-बेटी के शव मिले थे, उस कमरे में सामान दुरुस्त था। मकान के अन्य हिस्सों में भी सामान सही तरीके से रखा हुआ था। ऐसे में ये तो तय है कि हत्या लूट के मकसद से नहीं हुई। अब ये सवाल उभर रहे हैं कि मां-बेटी की हत्या किन कारणों के चलते की गई और किसने की। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि ये वारदात किसी करीबी ने की है। दूसरी ओर मृतका के बेटे सोमबीर की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है लेकिन सोमबीर या किसी अन्य परिजन ने किसी पर भी हत्या का शक नहीं जताया है। वारदात स्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे भी नहीं है। इसलिए भी पुलिस को दिक्कतें आ रही हैं। अब पुलिस मीना, दीक्षा के मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाएगी। वारदात स्थल के आसपास से डंप भी उठाए हैं।
मां को एक तो बेटी को लगी थी दो गोलियां
रविवार को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम हुआ। पहले एक्सरे हुआ उसके बाद गोलियां निकाली गई। मां मीना को एक गोली गली थी, जबकि बेटी दीक्षा को दो गोलियां लगी थीं। दोनों को छाती में ही गोलियां मारी गई हैं।
खेड़ी आसरा में मीना तो दिल्ली में दीक्षा का हुआ दाह संस्कार
पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में मृतकों के कुछ परिजन मौजूद थे। मृतका दीक्षा के ससुराल पक्ष के लोग भी अस्पताल में आए हुए थे। इनसे भी पुलिस ने पूछताछ की। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। खेड़ी आसरा में मीना का अंतिम संस्कार हुआ तो ससुरालियों ने दिल्ली में दीक्षा का अंतिम संस्कार किया। दीक्षा का पति दीपक छह माह के बच्चे को भी साथ ले गया।
दो अगस्त को हुई हत्या
मीना के पति की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है। मीना दो बेटियों व एक बेटे की मां थी। बड़ी बेटी पानीपत में रहती है। उसी के साथ मीना का बेटा सोमबीर रहता है। गत दो अगस्त को सोमबीर की फोन पर अपनी मां मीना से बात हुई थी। तीन अगस्त को बात करनी चाही तो मीना का फोन बंद मिला। तीन अगस्त की शाम को सोमबीर के कहने पर उसका पड़ोसी दोस्त घर गया तो मामले का पता चल पाया। जब शव मिले तो उनमें दुर्गंध उठ रही थी। लिहाजा आशंका यही जताई जा रही है कि दो अगस्त को किसी ने मां-बेटी की हत्या की।
छह महीने से मायके में थी दीक्षा
मृतका दीक्षा दो बच्चों की मां थी। दीक्षा का पति दीपक दिल्ली के एक डाक घर में काम करता है। पिछले करीब छह महीने से दीक्षा अपने मायके में आई हुई थी। दीक्षा की बड़ी बेटी अपने पिता के साथ ही रह रही थी। इस हत्या के बाद दो मासूम बच्चों से ममता का साया छिन गया।
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सोमबीर की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। बादली थाने समेत चार टीमें छानबीन में लगी हुई हैं। जल्द से जल्द हत्यारों तक पहुंच मामले को सुलझा लिया जाएगा।
फूलकंवार, एसएचओ, बादली थाना।