उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से नकली खाद, बीज व कीटनाशक की सप्लाई झज्जर के नजदीकी कस्बे सांपला में हो रही थी। इसकी सूचना झज्जर के कृषि विभाग के अधिकारियों को मिली तो विभाग ने कीटनाशक सप्लाई करने वालों के लिए जाल बिछाया। विभाग की टीम ने फर्जी ग्राहक तैयार कर ऑर्डर भेजा तो सोमवार रात को एक टाटा एस गाड़ी में माल लेकर एक युवक आया। कृषि विभाग की टीम ने बिरधाना गांव के पास नाका लगाकर गाड़ी रुकवा ली तथा मौके पर पुलिस को बुला लिया। टीम ने आरोपी चालक को दुजाना थाना पुलिस के हवाले कर दिया। गाड़ी को थाने में ले जाया गया, जहां पर गाड़ी के माल को चेक किया गया। माल पर नामी कंपनी का टैग लगा था तो उक्त कंपनी के प्रतिनिधि को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद कंपनी प्रतिनिधि ने स्पष्ट कर दिया कि माल नकली है। टीम की शिकायत पर आरोपी चालक व अन्य के खिलाफ 420, कॉपीराइट व पेस्टीसाइड एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
कंपनी प्रतिनिधि को बनाया गवाह
गाड़ी चालक को कीटनाशक तथा बीज के बिल व अन्य कागजात दिखाने के लिए कहा गया लेकिन वह प्रस्तुत नहीं कर पाया। बीज निर्माता कंपनी के प्रतिनिधि प्रदीप दलाल, सीनियर एसोसिएट ट्ररूबॉडी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड ने बीज की पैंकिग को देखकर सभी कीटनाशक तथा बीज को नकली बताया। थाना दुजाना में तीनों कीटनाशक तथा बीज की नमूने लिए तथा सीजूरी फार्म भरे गए। सैंपलिग फार्म तथा सीजूरी पर ड्राइवर ललित कुमार के हस्ताक्षर करवाए गए तथा कंपनी प्रतिनिधि अंकित जोमवाल तथा प्रदीप दलाल के हस्ताक्षर बतौर गवाह लिए गए।
12 लाख की थी गाड़ी में नकली कीटनाशक
आरोपी के पास कृषि विभाग को एफसी कंपनी की फरटेरा कीटनाशक के 12 बॉक्स मिले, जिनमें 72 पीस थे। जिसके एक पीस पर अधिकतम मूल्य 960 रुपये था, जिसकी कुल कीमत 69 हजार रुपये बनती है। पायनियर कंपनी के सरसों बीज के 300 पैकेट मिले, जिन पर 560 मूल्य था, जिसकी कुल राशि करीबन एक लाख 68 हजार रुपये बनती है। वहीं सजेंटा कंपनी के कल्चर नामक कीटनाशक की 110 बोतल दवाइयां मिली। एक बोतल पर रेट 7460 रुपये था, जो कि सभी करीबन आठ लाख 20 हजार रुपये की थी। वहीं बॉयर कंपनी के रीजेट अल्ट्रा 125 पैकैट मिले। इसकी कीमत प्रति पैकेट 960 रुपये जो कि करीबन एक लाख 15 हजार रुपये बनते हैं। सभी कीटनाशक तथा बीज की कीमत लगभग 12 लाख रुपये आंकी जा रही है।
सांपला में भेज चुका है आरोपी एक खेप
आरोपी गाड़ी चालक का कहना था कि वह पहले भी एक खेप सांपला में पहुंचा चुका है। ऐसे में वहां के किसानों को खाद-बीज व कीटनाशक खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अगर सही कंपनी के चक्कर में नकली बीज लिया तो बाद में उन्हें दिक्कत होगी।
किसानों से अनुरोध है कि खाद-बीज विक्रेताओं से सामान लेते समय पक्का बिल अवश्य लें। अगर किसी किसान को किसी सामान के बिल में खामी लगे तो विभाग से संपर्क करें।
बाल मुकुंद कौशिक, गुण नियंत्रण निरीक्षण अधिकारी, झज्जर।
जो कार्रवाई की गई है, उसमें अभी जिले के किसी भी डीलर की संलिप्तता नहीं मिली है। अगर पुलिस जांच में किसी भी डीलर की संलिप्तता मिलती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. इंद्र सिंह, उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।