फोटो -08 कादमा पीएचसी में फर्शक पर बिखरी दवाएं।
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गांव कादमा पीएचसी में तोड़फोड़ और फार्मासिस्ट की पिटाई करने का मामला प्रकाश में आया है। घायल फार्मासिस्ट को पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है। बाढड़ा थाना पुलिस के संज्ञान में मामला आ चुका है लेकिन मंगलवार शाम तक पीजीआई में उपचाराधीन फार्मासिस्ट के बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। जांच अधिकारी एएसआई विजयपाल का कहना है कि घायल के बयान दर्ज होने के बाद ही हमले के कारणों का पता चल पाएगा। जांच अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में रमेश कुमार ने बताया कि वह स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट है और उसकी ड्यूटी कादमा पीएचसी पर है। सोमवार दोपहर वह 12.50 पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का कार्य करने में लगा था। इसी दौरान कुछ लोग वहां आए और आते ही उस पर हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने कमरे में रखा सामान भी तोड़ डाला और दवाओं को भी बिखेर दिया। पुलिस शिकायत में फार्मासिस्ट ने आरोप लगाए कि आरोपियों ने वहां रखे रजिस्टर को भी फाड़ डाला। इसके बाद भी हमलावरों ने उत्पात मचाना जारी रखा और कूलर, फ्रिज, मेज, कुर्सी सहित वहां रखे फ्रिज को क्षतिग्रस्त कर दिया। जब उसने तोड़फोड़ और हमले का कारण पूछा तो आरोपी छीना झपटी कर सोने की चेन व नकदी भी ले गए। इस दौरान उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर स्टाफ के अन्य सदस्य वहां पहुंचे और उसे हमलावरों से छुड़वाया। घायल ने आरोप लगाया कि हमलावर जाते-जाते उसे धमकी भी दे गए। मामले कर जांच कर रहे एएसआई विजयपाल ने बताया कि घायल रोहतक पीजीआई में भर्ती है। वहां जाकर उसके बयान दर्ज किए जाएंगे और इसके बाद पुलिस अगली कार्रवाई अमल में लाएगी।