पुलिस जांच और गिरफ्तारी
घटना के 24 घंटे के भीतर झज्जर पुलिस ने मामन और मामराज को गिरफ्तार कर लिया। एक दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से हमले में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया। पुलिस ने गहन जांच के साथ पुख्ता सबूत और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। 13 सितंबर 2021 को चालान तैयार कर 28 सितंबर 2021 को अदालत में पेश किया गया।
सरकारी वकील किरण चौधरी ने सत्र न्यायालय के मजिस्ट्रेट अजय तेवतिया के समक्ष गवाहों के बयान दर्ज कराए और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर अदालत ने मामन और मामराज को हत्या और जानलेवा हमले का दोषी पाया। दोनों को उम्रकैद की सजा के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना और विभिन्न धाराओं के तहत अतिरिक्त सजा सुनाई गई।
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