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4 साल बाद मिला इंसाफ:  हत्या के दोषियों को कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद की सजा, किराया मांगने पर हुआ था विवाद

Tue, 17 Jun 2025 06:54 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर

सार

हत्या के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। मामला साल 2021 का था जब दुकान का किराया मांगने आए शख्स की दो लोगों ने हत्या कर दी थी।  
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हत्या के दोषियों को उम्रकैद की सजा - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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स्थानीय अदालत ने हत्या और जानलेवा हमले के मामले में दो आरोपियों, मामन उर्फ काली और मामराज उर्फ नकटु, को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत अतिरिक्त सजा भी सुनाई।

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देवरखाना निवासी रामरतन ने पुलिस को शिकायत दर्ज की थी कि उनके भाई मुरारी ने गांव के ही मामन उर्फ काली, पुत्र रामचंद्र, को लंबे समय से एक दुकान किराए पर दी थी। मामन ने कई महीनों से किराया नहीं चुकाया था। रामरतन और उनके परिवार ने मामन से बार-बार किराया देने या दुकान खाली करने को कहा, लेकिन मामन ने न तो किराया दिया और न ही दुकान खाली की।

घटना का विवरण

27 जुलाई 2021 की शाम को मुरारी और उनके भाई जयप्रकाश किराया वसूलने के लिए मामन की दुकान पर गए। वहां मामन, उनका भाई मामराज उर्फ नकटु और चार-पांच अन्य साथी मौजूद थे। किराया मांगने पर मामन और उनके साथियों ने मुरारी और जयप्रकाश के साथ झगड़ा शुरू कर दिया। रामरतन के मौके पर पहुंचने पर मामन ने मुरारी और जयप्रकाश पर चाकू से हमला किया, जबकि मामराज और अन्य साथियों ने डंडों, कुल्हाड़ी, लात और घूंसों से हमला किया। इस हमले में मुरारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जयप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया।

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पुलिस जांच और गिरफ्तारी

घटना के 24 घंटे के भीतर झज्जर पुलिस ने मामन और मामराज को गिरफ्तार कर लिया। एक दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से हमले में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया। पुलिस ने गहन जांच के साथ पुख्ता सबूत और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। 13 सितंबर 2021 को चालान तैयार कर 28 सितंबर 2021 को अदालत में पेश किया गया।

सरकारी वकील किरण चौधरी ने सत्र न्यायालय के मजिस्ट्रेट अजय तेवतिया के समक्ष गवाहों के बयान दर्ज कराए और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर अदालत ने मामन और मामराज को हत्या और जानलेवा हमले का दोषी पाया। दोनों को उम्रकैद की सजा के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना और विभिन्न धाराओं के तहत अतिरिक्त सजा सुनाई गई।

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