कोरोना ने कम किया दो बीमारियों का प्रकोप
जिले में मलेरिया के पांच केस, पिछले साल अब तक मिल चुके थे 45 केस
डेंगू के अभी तक 0 केस, पिछले साल अब तक मिल चुके थे 7 केस
जिले में एक तरफ कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, वहीं सितंबर-अक्टूबर में पीक पर रहने वाली डेंगू बीमारी का अब तक एक भी केस नहीं मिला है। वहीं, मलेरिया के केस भी कुछ ज्यादा नहीं हैं, इस बार सिर्फ 5 मरीज मिले हैं। कोरोना के कारण हर साल उबरने वाली दो बीमारियों का प्रकोप इस साल कम हो गया है। बारिश के बाद मच्छरों की तादाद में इजाफा हो गया है। जगह-जगह पानी भरने से भी बीमारी फैलने का डर सताता है, इसके बावजूद इन दोनों बीमारियों के केस कम आए हैं। डेंगू व मलेरिया में भी बुखार आता है। आशंका है कि कहीं इन मरीजों का भी कोरोना का इलाज चल रहा हो।
जिले में स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 81 संदिग्धों के डेंगू की जांच के लिए सैंपल लिए गए थे। जिनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। राहत की बात है कि फिलहाल जिले में एक भी डेंगू का केस नहीं मिला है। हालांकि विभाग की तरफ से सितंबर व अक्तूबर डेंगू के लिए पीक सीजन माना जाता है। डेंगू का मच्छर साफ पानी पर पनपता है। यह मौसम मच्छरों के पनपने लिए पूरी तरह से अनुकूल है। पिछले साल अब तक सात डेंगू पॉजिटिव मरीज पाए गए थे। वहीं मलेरिया के भी सिर्फ पांच केस मिले हैं, जबकि पिछले साल 45 मलेरिया के केस जिले में पाए गए थे। फिलहाल जिला में कोरोना के सर्वे के साथ-साथ डेंगू व मलेरिया का भी सर्वे करवाया जा रहा है। जिसकी वजह से इस बार मच्छर जनित बीमारी अधिक नहीं बढ़ पाई है।
मच्छरों से बरतें सावधानी
सामान्य अस्पताल या अन्य सरकारी अस्पताल में बुुखार के इलाज के लिए आने वाले हर मरीज की स्लाइड बनाई जा रही हैं। ताकि मलेरिया की जांच की जा सके। जिला में इस सीजन में मई के बाद से मात्र पांच मलेरिया पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इन के आसपास के घरों में विभाग की तरफ से दवा का भी छिड़काव किया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मौसम में सावधानी बरतना आवश्यक है। मच्छारों से बचने के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहनें और घरों के आसपास पानी न जमा होने दें।
जिला में डेंगू व मलेरिया को लेकर स्थिति पूरी तरह से काबू में हैं। फिलहाल सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
- डॉ. संजय दहिया, सीएमओ, झज्जर।