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26 अप्रैल को दी थी कोरोना ने झज्जर में दस्तक

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बहादुरगढ़ में पहला कोरोना संक्रमित केस मिला तो सील कर दी गई थी धर्मपुरा की गलियां। फाइल फोटो - फोटो : Bahadurgarh
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झज्जर। कोरोना संक्रमण के मरीज जिले में अप्रैल 2020 में मिलने लगे थे, लेकिन उनकी काउंटिंग झज्जर की बजाय दिल्ली में हो रही थी। क्योंकि सबसे पहले जिले के निवासी दिल्ली में नौकरी करने वाले कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिलने शुरू हुए थे। चाहे वह दिल्ली पुलिस के कर्मचारी हो या फिर किसी अन्य विभाग के कर्मचारी हों। सबसे पहले जिले में 26 अप्रैल 2020 को कोरोना संक्रमण का मामला गुभाना गांव में आया था। उसके बाद दिल्ली पुलिस के कर्मचारी के संपर्क में आने से सुलौधा गांव निवासी उसके परिजन कोरोना संक्रमित मिले थे। उस समय ऐसी थी कि पूरे गांव को ही कंटेनमेंट घोषित कर उसे सील कर दिया गया। उसके साथ झज्जर शहर में सब्जी मंडी की आढ़ती दिल्ली की आजादपुर मंडी से सब्जी लेकर आते थे। उसके यहां काम करने वाला श्रमिक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद शहर की सब्ज मंडी को पूरी तरह से सील कर दिया गया था और कई दिनों के बाद सब्जी मंडी खोली गई थी। इसके साथ ही जब मंडी में कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग हुई तो यहां पर एक अन्य श्रमिक के साथ-साथ आढ़ती व उनके परिवार के सदस्य भी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। धीरे-धीरे अकेले अप्रैल में ही जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 25 पहुंच गई थी।
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13 जून 2020 को हुई थी पहली मौत
जिले में कोरोना संक्रमण की वजह से पहली मौत 13 जून 2020 को हुई थी। इसके बाद जून माह में चार लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हुई और उनका आंकड़ा बढ़ते हुए जनवरी 2021 तक 102 पहुंच गया। 16 जनवरी 2021 को कोरोना संक्रमण की वजह से अंतिम मौत हुई थी। जिसके बाद से आज तक कोरोना संक्रमण से मरने वालों के आंकड़े पर ब्रेक लगा हुआ है।
नवंबर 2020 में मिले थे सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित और सबसे ज्यादा हुई थी मौत
वर्ष 2020 में नवंबर माह ऐसा आया था कि जिसमें सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मामले मिले और सबसे ज्यादा लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हुई थी। अकेले नवंबर में 33 लोग कोरोना की वजह से मौत के आगोश में समा गए। वहीं 1678 लोग कोरोन संक्रमित इस माह में पाए गए थे।
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जिले निवासी कोरोना संक्रमित तो पहले ही मिलने लगे थे, लेकिन वे दिल्ली के कर्मचारी होने व उनका इलाज दिल्ली में होने के कारण उनकी गणना भी दिल्ली में थी। जिले में पहला मामला 26 अप्रैल को मिला था।
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- डॉ. विकास, नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन, झज्जर।
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