बहादुरगढ़। इन दिनों कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन घबराने की अभी कोई बात नहीं है। कोरोना का असर शरीर के अन्य अंगों में पड़ने के साथ ही आंखों में भी काफी तेजी से पड़ता है। जिससे कई समस्याएं हो जाती हैं। हमेशा के लिए आंखों की रोशनी भी जा सकती है। नागरिक अस्पताल के पूर्व नेत्ररोग चिकित्सक डाॅ. ओमवीर राठी ने बताया कि कोरोना पॉजीटिव होने वाले लोगों को आंखों का खास ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि मरीजों की रेटिना की नसों में कमजोरी आ जाती है। इससे किलर डिजीज हो सकती है। यूवाइटिस भी हो सकती है। इससे आंखों में सूजन आने के साथ ही आंख की मध्य परत (यूविया) प्रभावित होती है।
डॉ. ओमवीर राठी ने बताया कि आंखों में दर्द के साथ ही लाल हो सकती हैं। ऐसे में कई बार आंखों की रोशनी तक प्रभावित हो जाती है। कोरोनाकाल में ऐसे कई गंभीर मामले देखने को मिले थे। आंखों के मूवमेंट पर काफी दर्द होने लगता है और रोशनी कमजोर हो सकती है। इसके अलावा कई बार गंभीर केसों में फंगल इंफेक्शन हो सकता है। इस कारण आंखों के साथ ही आंख के आसपास की मांसपेशियों और पलक तक को भी निकालना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि कोविड पॉजीटिव मरीज के ऑप्टिक न्यूरोपैथी भी हो सकती है। यह एक ऑप्टिक तंत्रिका होती है, जो आंख से मस्तिष्क तक जाने वाली तंत्रिका की क्षति को कहते हैं। इसके होने से दृष्टि हानि होने की आशंका रहती है। डॉ. राठी ने बताया कि अभी कोरोना का कहर घातक नहीं हुआ है। वर्ष 2021 में कोरोना का कहर जबरदस्त था। इसमें ब्लैक फंगस के काफी संख्या में मरीज आए थे। अभी इस तरह की शिकायत नहीं आ रही है। कोरोना का इक्का-दुक्का मरीज सामने आ रहा है तो वह जल्द ही ठीक हो रहा है। इसलिए किसी को भी अभी घबराने की कोई जरूरत नहीं है।