झज्जर। विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी गोपाल वर्मा को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। यह सजा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोना सिंह की अदालत ने सुनाई साथ ही दोषी पर 10,000 रुपये जुर्माना लगाया है।
शिकायतकर्ता ने 18 मई 2023 को महिला थाना में शिकायत दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी का बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है। शिकायत में बताया गया कि लड़की 15 मई 2023 से लापता थी और परिजनों के काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग सका। जांच के दौरान एक जुलाई 2023 को पुलिस ने नाबालिग को राजस्थान के श्रीगंगानगर क्षेत्र से बरामद कर लिया। पीड़िता ने आरोपी गोपाल वर्मा पर दुष्कर्म के आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दीं। जांच के दौरान 5 जुलाई 2023 को आरोपी गोपाल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।
मेडिकल जांच में नाबालिग गर्भवती थी
मेडिकल जांच में नाबालिग लड़की गर्भवती थी। बाद में बेहतर उपचार के लिए उसे पीजीआई रोहतक रेफर किया गया जहां डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चला। पुलिस ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य भी एकत्र किए।
सीडब्ल्यूसी से कराई थी काउंसिलिंग
मामले की जांच के दौरान पीड़िता की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के माध्यम से काउंसलिंग भी कराई गई। पुलिस ने एफएसएल जांच, मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों को केस डायरी का हिस्सा बनाते हुए नियमानुसार अदालत में चालान प्रस्तुत कर दिया।
चार लाख रुपये मुआवजे का आदेश
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस अपराध से पीड़िता को शारीरिक और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने पीड़िता को 4 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। अदालत के निर्देशानुसार यह राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर की तरफ से तत्काल पीड़िता के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा कराई जाएगी। यह राशि पीड़िता के बालिग होने तक नहीं निकाली जा सकेगी।