बहादुरगढ़। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में खराब हवा लोगों के दिल की धड़कनें बढ़ा रही हैं। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चिंता की बात है कि इन मरीजों की उम्र 25 से 45 साल के बीच है। इन मरीजों में अचानक धड़कन बढ़ना, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव की समस्या ज्यादा देखी जा रही है। वहीं काफी मरीज हार्ट फेल, दिल का दौरा, अत्यधिक उच्च रक्तचाप की समस्या के साथ पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों के लिए बढ़ता प्रदूषण स्थिति को गंभीर बना रहा है।
शहर के एक अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि प्रदूषक तत्व सांस के माध्यम से फेफड़ों के रास्ते दिल तक पहुंच रहे हैं। यहां दिल की बीमारी को बढ़ा रहे हैं। इनके कारण मरीजों की संख्या 5 फीसदी तक बढ़ गई है। ऐसे मरीजों में हार्ट फेलियर, हार्ट अटैक के मामले ज्यादा दिख रहे हैं। इन मरीजों में अनियंत्रित रक्तचाप, चक्कर आना, सिर में दर्द, धड़कन तेज होना जैसी शिकायतों मिल रही हैं। जो सामान्य दिनों में कम दिखती हैं। खासकर दिल के मरीजों के लिए प्रदूषण के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण ज्यादा होने पर अस्थमा, डायबिटीज और हार्ट के रोगियों को घर से बाहर निकलने और सुबह की सैर को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के भौगोलिक व अन्य कारणों से देश में कम उम्र के लोगों में दिल की समस्या बढ़ रही है। यह डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती है। उनका कहना है कि 20 की उम्र में दिल का रोग होना चिंता का विषय है।