बहादुरगढ़। कई वर्षों से बदतर स्थिति में बहादुरगढ़-झज्जर के मार्ग के दिन जल्द ही बहुरेंगे। अगले महीने इस सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा। सड़क पर तारकोल की परत बिछाई जाएगी। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से सड़क निर्माण के लिए 20 करोड़ का टेंडर लगाया गया था, लेकिन यह माइनस में 14 करोड़ में अलॉट हुआ।
यूं तो बहादुरगढ़ से झज्जर की दूरी मात्र 28 किलोमीटर है, लेकिन इसे तय करने में वाहन चालकों के सर्दी में भी पसीने छूट रहे हैं, क्योंकि मार्ग पूरी तरह टूट चुका है। इस पर वाहन लेकर चलना तो दूर, पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो रहा है। कई साल से लोग इस मार्ग को बनाने की मांग करते आ रहे हैं, उनकी यह मांग अब जल्द ही पूरी होने वाली है।
28 किलोमीटर दूरी को तय करने में लोगों का दो घंटे का समय लग रहा है। बहादुरगढ़ से झज्जर जाने वाले विशाल कुमार बताते हैं कि वह कई महीनों से इस मार्ग से जाने के बजाय बादली से जाना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि इस मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे बने हुए हैं। गड्ढे भी 8 से 10 फुट चौड़े और काफी गहरे बने हुए हैं। इस मार्ग से वाहन लेकर जाना किसी आफत से कम नहीं है।
ग्रामीण बोले- चुनावों में सड़क टूटी होने का मुद्दा बना तो सरकार ने ली सुध
दुल्हेड़ा के ग्रामीण सतबीर सिंह, अमित कुमार, दीपक देशवाल ने कहा कि झज्जर मार्ग की यह हालत चार से पांच साल से बनी हुई है। अनेकों बार सरकार से सड़क को बनाने की मांग की गई, लेकिन अब चुनावों में इस सड़क के टूटे होने का मुद्दा बना तो सरकार ने इसकी सुध ली। बहादुरगढ़ से झज्जर रोड पर 10 से अधिक गांव आते हैं। प्रतिदिन इन गांवों के लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर नए वाहन भी सालभर में कंडम हो रहे हैं।
अगले महीने झज्जर-बहादुरगढ़ मार्ग का निर्माण होगा। इस पर तारकोल की परत बिछाई जाएगी। इसके बाद वाहन आसानी से चलेंगे। 20 करोड़ का टेंडर लगाया गया था, लेकिन यह माइनस में 14 करोड़ में अलॉट हुआ है।
-अनिल रोहिल्ला, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग बहादुरगढ़।