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महिला किसानों की भी सुध ले आयोग : उगराहां

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बहादुरगढ़। आंदोलनकारी किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में नयागांव चौक के पास भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां का धरना शनिवार को 169वें दिन में पहुंच गया। सभा में किसानों को संबोधित करते हुए यूनियन के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने बंगाली युवती की घटना के बाद महिला आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस पर आपत्ति जताई।
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उगराहां ने कहा कि अब महिला आयोग की अध्यक्ष को हमारी याद आती है। महिला आयोग की अध्यक्षा को बहन बताते हुए उन्होंने पूछा कि उन्हें हाथरस की निर्भया और उन्नाव जैसी दिल दहला देने वाली घटनाओं की कोई जानकारी क्यों नहीं है। पंजाब के मुक्तसर जिले के फरीदकोट और गांधार में श्रुति का अपहरण हुआ था।
महिला आयोग की अध्यक्ष को इसका पता नहीं था। किसान आंदोलन के दौरान सिंघू बॉर्डर पर नौदीप नाम की लड़की को पुलिस ने प्रताड़ित किया और लड़की को जेल में डाल दिया गया। उपरोक्त सभी घटनाओं के बावजूद, भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने कड़ा संघर्ष किया और पीड़ित लड़कियों और उनके परिवारों को न्याय दिलाया। किसान नेता ने कहा अपनी खेती बचाने के लिए छह महीने से संघर्ष कर रही मां-बहनों की परेशानी महिला आयोग को कभी याद नहीं आती। उगराहां ने लोगों को शहीद भगत सिंह के सहयोगी सुखदेव के जन्मदिन की बधाई दी।
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26 मई को मनाया जाएगा काला दिवस
उन्होंने कहा कि हम सभी दोतरफा युद्ध लड़ रहे हैं, एक गलत कानूनों के खिलाफ और दूसरा कोरोना बीमारी के साथ। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि 26 मई को मोदी सरकार का अंतिम संस्कार किया जाएगा और सभी घरों पर काले झंडे फहराए जाएंगे। इस दिन को पूरे देश में काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। राज्य समिति ने माई भागो के वारिसों के बारे में डॉ. दविंदर धौले के गीत का पोस्टर जारी किया।
ओमप्रकाश रोहतक ने कहा कि यह सरकार किसानों की जमीन कॉरपोरेट घरानों को सौंपना चाहती है। जब तक इन कानूनों को समाप्त नहीं किया जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। चंडीगढ़ से पैदल चलकर सात दिन में पहुंची सुखविंदर कौर अपने छोटे बेटे और बेटी के साथ सभा में शामिल हुईं। मंच पर संस्था की ओर से उनका सम्मान किया गया। अमरजीत सिंह सडोके (मोगा), सतपाल सिंह (फाजिल्का), मंजीत सिंह घरचोन (संगरूर), बलजीत कौर (मोगा) और कृष्ण चन्नन (बरनाला) ने भी मंच से संबोधित किया।
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