बेरी। मदाना और छोछी गांव में बृहस्पतिवार की सुबह जमकर ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि की वजह से दोनों गांवों में सरसों और आलू की फसल काफी हद तक नष्ट हो गई। इसके चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। मदाना के सरपंच अनिल कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह 7 बजे एकाएक बिन बरसात के ओले गिरने आरंभ हो गए। वहीं छोछी गांव में वीरवार सुबह एकाएक तेज हवाओं के साथ बरसात आरंभ हो गई और बस थोड़ी ही देर में तेज ओले गिरने लगे पूरी जमीन ही सफेद हो गई, जिसके कारण सरसों की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। वहीं दूसरी और बुधवार रात और वीरवार सुबह हुई बारिश ने क्षेत्र में ठंड बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि सरसों में पहले ही कोहरे के कारण मरोड़िया रोग लगा हुआ था अब बरसात से फायदा हुआ वही ओलावृष्टि से नुकसान हुआ हैैैै।
क्या कहते है कृषि विशेषज्ञ
कृषि विशेषज्ञ डॉ. विष्णुदत्त ने बताया कि मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल बना हुआ है। इतनी ज्यादा ठंड होगी गेहूं की फसल उतनी ही अच्छी होगी। बारिश से गेहूं की फसलों को फायदा होगा। अधिक ठंड और बारिश में गेहूं की फसल का बढ़ाव रुकेगा तो वहीं फुटाव बढ़ेगा और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और बुधवार रात व वीरवार को बेरी क्षेत्र के गांव छोछी व मदाना में ओले गिरे हैं और ओले गिरने से सरसों व आलू की फसलों को हो ज्यादा नुकसान है।
फोटो संख्या-12 किसान के द्वारा तसले में इकट्ठा किए गए ओले।