झज्जर। जिला में कोचिंग सेंटर चलाने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। जिले में संचालित सभी सेंटर संचालक 31 अगस्त तक हर हाल में पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें।
जो सेंटर पंजीकरण नहीं करवाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह बात डीसी शक्ति सिंह ने कही। वह वीरवार को जिला सचिवालय में अधिकारियों की बैठक में अपनी बात रख रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दी हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलशन ऑफ प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट एक्ट को लागू कर दिया गया है। एक्ट के लागू होने के बाद अब प्राइवेट कोचिंग सेंटर चलाने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इन गाइडलाइंस में कोचिंग सेंटर संचालकों की मनमानी फीस को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। अब वो मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगे।
डीसी ने कहा कि आईआईटी जेईई, एमबीबीएस, नीट जैसे प्रोफेशनल कोर्स के लिए कोचिंग सेंटर के पास फायर और भवन सुरक्षा संबंधी एनओसी होनी जरूरी है। इसके अलावा कोचिंग सेंटर की ओर से परीक्षा और सफलता के दबाव की स्थिति में बच्चों को मनोवैज्ञानिक रूप से काउंसलिंग कराने और उनकी मानसिक सेहत को बेहतर रखने के लिए काउंसलर उपलब्ध कराना होगा। इस अवसर पर राजकीय नेहरू पीजी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ दलबीर सिंह, डीईओ राजेश कुमार, डीआईपीआरओ कुलदीप सिंह बांगड़, आयुष अधिकारी डॉ. पवन देशवाल उपस्थित रहे।