झज्जर । शहर के नगर परिषद कार्यालय परिसर में छठे दिन भी सफाई कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। 113 कच्चे कर्मियों के काम न करने से शहर की सफाई व्यवस्था चौपट होती जा रही है। शहर में प्रतिदिन 8 टन कूड़ा निकलता है। छह दिन से सफाई न होने से करीब 48 टन कूड़ा शहर की सड़कों पर है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांग पूरी होने या ठोस आश्वासन मिलने तक वे धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे।
वेतन, एरियर और भत्ते समेत कई मांगों को लेकर सफाई कर्मियों का लगातार धरना प्रदर्शन जारी है जिसके चलते शनिवार को छठे दिन शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से धराशाई हो गई है। कूड़ा करकट शहर की विभिन्न चौक चौराहा व सड़कों पर बिखरा हुआ है। जिसका खामियाजा दुकानदारों, व्यापारियों व शहर वासियों को भुगतना पड़ रहा है। कूड़े से दुर्गंध उठ रही है। कॉलोनी चौक-चौराहा पर काफी कूड़ा करकट इकट्ठा होने से बीमारी फैलने की प्रबल आशंका बन गई है ।
गौरतलब है कि पहले ही डेंगू में मलेरिया के मरीज तेजी से फैल रहा हैं। यदि सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो शहर में बीमारी का संक्रमण फैल सकता है, और यह बड़ा रूप ले सकता है सफाई कर्मचारियों के इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने बताया कि नगर परिषद कार्यालय से कोई भी अधिकारी कर्मचारी उनसे बात करने के लिए नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार डीएमसी, डीसी, ईओ को ज्ञापन अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप चुके हैं। लेकिन उनका एरियर जो कि करीब तीन साल से रुका हुआ है नहीं दिया जा रहा जिसके चलते उन्होंने मन बना लिया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी । उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है इसके जिम्मेदार वे नहीं प्रशासन स्वयं है।