संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के 28वें दिन मंगलवार देर रात पुलिस और कर्मचारियों के बीच टकराव हुआ। यह घटना शहर के नागरिक अस्पताल के सामने कूड़ा उठाने के दौरान हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें तीन महिलाओं सहित नौ कर्मचारी हो गए। उन्हें नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बाद में छुट्टी दे दी गई।
प्रशासन ने हालांकि किसी कर्मचारी को गंभीर चोट आने या अस्पताल में भर्ती होने से इन्कार किया है। देर रात पुलिस की मौजूदगी में नगर परिषद की टीम ने विभिन्न डंपिंग पॉइंटों से कूड़ा उठाया। अभियान के दौरान पुलिस ने करीब 50 से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में लिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें घसीटकर रोडवेज की बस में बैठाया गया।
मंगलवार रात करीब दो बजे नगर परिषद की टीम कूड़ा उठाने पहुंची थी। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। इससे दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई। कर्मचारियों ने पुलिस पर मारपीट और लाठीचार्ज का आरोप लगाया। विरोध में कुछ कर्मचारियों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर कूड़ा भी फेंका। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने मौके से कुछ कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
बुधवार को कर्मचारियों ने इस घटना के विरोध में जुलूस निकाला। यह जुलूस नगर परिषद के गेट से शुरू होकर लाल चौक तक पहुंचा। वहां से वापस नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया गया। कर्मचारी नेताओं ने पुलिस पर महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। बहादुरगढ़ इकाई के प्रधान राजेश बालगुहेर ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
प्रशासन ने आमजन की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए अभियान चलाया। डीसी वर्षा खांगवाल के निर्देश पर रातभर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। एडीसी एवं डीएमसी जगनिवास के मार्गदर्शन में यह अभियान चला। एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच और ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर मौजूद थे। नगर परिषद के ईओ संजय रोहिल्ला के नेतृत्व में टीमों ने कूड़ा उठाया। बताया गया कि अभियान में करीब 700 टन कूड़ा उठाया गया जबकि कर्मचारियों ने करीब 900 टन कूड़ा उठाए जाने की बात कही।
इंसेट
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
राजेश बालगुहेर ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने 13 मई को सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच हुए समझौते को लागू करने की मांग की। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा समाप्त करने की भी मांग दोहराई गई। उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के फैसलों को लागू करने पर जोर दिया गया। कर्मचारियों ने एचकेआरएन को भंग करने की भी मांग की। इस प्रदर्शन में जिला प्रधान राजेंद्र तूषामड़ सहित कई अन्य कर्मचारी नेता शामिल थे।
वर्जन
अभियान का उद्देश्य शहर के सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा हटाकर लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाना था। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय रोहिल्ला ने बताया कि लाठी चार्ज नहीं किया गया। कूड़ा उठाने का विरोध कर रहे कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया था। उसी दौरान आपस में हल्की-फुल्की झड़प हुई होगी।- जगनिवास, डीएमसी
फोटो-53: बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल के पास से सफाई कर्मचारी को पकड़कर ले जाती पुलिस। स्रोत सोशल