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एनजीटी के आदेश के बाद आशियाना बनाना हुआ महंगा

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बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए एनजीटी के आदेशों के बाद ईंट भट्ठे व क्रशर बंद हैं। इसके कारण भवन निर्माण सामग्री महंगी हो गई है। निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण आमजन के लिए अपना आशियाना बनाना भी महंगा हो गया है। जो कि आमजन की परेशानी का सबब बना हुआ है।
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दीवाली के बाद बढ़े प्रदूषण की वजह से एनजीटी ने ईंट भट्ठों और क्रशरों को बंद करने के आदेश दिए थे। इसकी वजह से सरकारी कार्य भी बंद पड़े हैं। क्रशर बंद होने से रोड़ी-क्रशर व रेती के भाव आसमान छू रहे हैं। वहीं ईंटों के भाव में काफी उछाल आया है। क्रशर जहां 25 से 30 रुपये फुट मिल रहा था, वह अब 35 से 40 रुपये फुट पहुंच गया है। रेती व रोड़ी के भाव में भी 5 से 8 रुपये तक इजाफा हुआ है। ईंटों के भाव में भी पांच सौ से आठ सौ रुपये प्रति हजार तक का उछाल आया है। सर्दी के मौसम में कोहरे के साथ स्मॉग बढ़ने की वजह से एनजीटी ने पिछले दिनों पहाड़ी क्षेत्र में खनन व क्रशर व रोड़ी करने वाले क्रशरों को बंद करने के आदेश जारी किए थे।
सड़क व भवन निर्माण में आ रही बाधा
चाहे सड़क बनानी हो या भवन इसमें रोड़ी का इस्तेमाल होता है, लेकिन निर्माण सामग्री महंगी होने की वजह से ही दोनों में बाधा आ रही है। मजबूरी में लोगों को यह कार्य बंद करने पड़ रहे है। वहीं लोगों को महंगी सामग्री खरीद कर कार्य करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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रोजगार पर भी पड़ रहा है असर
लोगों के रोजगार पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है। भवन निर्माण कार्य कम के कारण जहां मिस्त्री या मजदूरों को काम कम मिल रहा है। वहीं ट्रक व डंपर चालकों के रोजगार पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। क्योंकि निर्माण सामग्री ढोने का कार्य करने वाले वाहन अब सामग्री न मिलने के कारण काफी संख्या में खड़े रहते है।
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