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बाजरे की खरीद बंद होने पर डीसी से मिलने पहुंचे किसान

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सरकार की ओर से अनाज मंडियों में बाजरे की खरीद शुक्रवार को अचानक बंद किए जाने से किसान परेशान रहे। दोपहर के समय किसान डीसी कार्यालय भी पहुंचे। लेकिन वहां पर न तो उपायुक्त मिले और न ही अतिरिक्त उपायुक्त। इसके बाद किसान डीसी के पीए से मिले। उन्होंने मार्केट कमेटी के सचिव को किसानों से उनका कितना बाजरा है, लिखवाकर लेने के लिए कहा और उस पर फर्म की मुहर भी लगवाने के लिए कहा। निलोठी आदि गांव के किसान बाजरा लेकर अनाज मंडी पहुंचे थे। लेकिन खरीद बंद होने के कारण किसानों का बाजरा नहीं बिक पाया।
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किसानों व आढ़तियों से लिया लिखित में पत्र
मार्केट कमेटी की तरफ से किसानों से यह लिखवाकर लिया गया कि उनका बाजरा कहां है और किस आढ़ती की दुकान पर है। उस पर फर्म की मुहर भी लगवाई गई। बताया जा रहा है कि बाकी बचे हुए बाजरे की खरीद के लिए सरकार की तरफ से विशेष रूप से एक दिन निर्धारित किया जाएगा और एक दिन बचा हुआ बाजरा सरकारी दर पर खरीदा जाएगा।
27 हजार एमटी से अधिक खरीदा गया बाजरा
पिछले साल जिले में करीब 27 हजार मीट्रिक बाजरे की खरीद की गई थी। लेकिन इस बार जिले की अनाज मंडियों में बाजरे की खरीद बंद होने तक 27,296 मीट्रिक टन बाजरे की खरीद की जा चुकी है। इसके बावजूद काफी गांव के किसानों का बाजरा अभी भी बचा हुआ है।
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हमने मार्केट कमेटी के अधिकारियों के कहने पर किसानों की तरफ से लिखे गए पत्र पर मुहर लगाकर दी है। इस बाजरे की खरीद अगर सरकार करती है तो ठीक है। अन्यथा किसान अपना बाजरा वापस ले जाएंगे, इसकी जिम्मेदारी आढ़तियों की नहीं होगी।
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चांद सिंह पहलवान, प्रधान, अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन, झज्जर।
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